नई दिल्ली। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मरीजों पर ट्रायल की जा रही एचआईवी में दी जाने वाली रेमडेसिवयर रैंडम क्लिनिकल ट्रायल में फेल हो गई। चीनी ट्रायल में यह ड्रग नाकाम रही, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन के दस्तावेजों के इसकी जानकारी मिली है।


रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 237 मरीज़ों में से कुछ को वो ड्रग दी गई और कुछ को प्लेसीबो। एक महीने बाद ड्रग लेने वाले 13.9% मरीज़ों की मौत हो गई जबकि इसकी तुलना में प्लेसीबो लेने वाले 12.8% मरीज़ों की मौत हुई। साइड इफेक्ट के कारण ट्रायल को पहले ही रोक दिया गया।

इसके फेल होने की रिपोर्ट को WHO ने विस्तार से प्रकाशित किया था लेकिन बाद में WHO ने कहा कि ड्राफ़्ट रिपोर्ट ग़लती से अपलोड हो गई थी और रिपोर्ट को हटा लिया।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।