तीसरी लहर की दस्तक? फिर नए केस 40 हजार के पार, एक्टिव मामले भी तेजी से बढ़े

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब कोरोना नियंत्रण के लिए फार्मासिस्टों की भी सहायता ली जाएगी। कोरोना की संभावित तीसरी लहर के बीच छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है।

स्वास्थ्य संचालक ने राज्य महामारी नियंत्रण एवं टीकाकरण अधिकारी को पत्र लिखकर पंजीकृत फार्मासिस्टों को टीकाकरण अभियान में शामिल करने कहा है। अब फार्मासिस्ट वैक्सीन सेंटरों में काउंसलिंग करने के साथ मरीजों को दवा भी देंगे। दरअसल, इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने कोरोना के दूसरे लहर के पहले ही अप्रैल 2020 में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर कोरोना महामारी के नियंत्रण में फार्मासिस्ट की सेवा लिए जाने की बात प्रमुखता से उठाई थी, जिसे मुख्यमंत्री ने सहमति देते हुए स्वास्थ्य संचालक को उचित कार्ययोजना बनाने निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र के आधार पर स्वास्थ्य संचालक ने राज्य महामारी नियंत्रण एवं टीकाकरण अधिकारी को पत्र लिखकर पंजीकृत फार्मासिस्ट को कोरोना टीकाकरण अभियान में शामिल करने कहा है।

इससे न केवल टीकाकरण अभियान में तेज़ी आएगी बल्कि टीकाकरण के बाद अधूरी जानकारी होने पर ग्रामीणों द्वारा बुखार आने या अन्य तकलीफ होने पर जो अफवाह एवं भ्रम फैलता है, उस पर रोक लग सकेगी। फार्मासिस्ट टीकाकरण के बाद पैरासिटामॉल एवं अन्य आवश्यक विटामिन की दवा हितग्राही को उचित सलाह देने के साथ बाटेंगे। बता दें कि राज्य में लगभग 20 हजार पंजीकृत फार्मासिस्ट एवं 5 हज़ार फार्मेसी के छात्र हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।