बिलासपुर। निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता (Mukesh Gupta) को साडा की जमीन मामले में फिर एक बड़ा झटका लगा है। भिलाई में साडा की जमीन को लेकर निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता (Mukesh Gupta) की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने पिछले महीने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसके बाद शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

साडा में जमीन आबंटन में गड़बड़ी पर भिलाई सुपेला पुलिस ने मुकेश गुप्ता (Mukesh Gupta) के खिलाफ अपराध क्रमांक 605-2019 दर्ज कर धारा 201, 409, 420, 421, 468, 471 के तहत मुकदमा कायम किया था। इस मामले में मुकेश गुप्ता ने बिलासपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी। मामले की सुनवाई 13 अगस्त को पूरी हो गई थी, जिसके बाद जस्टिस आरसीएस सावंत की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

बेंच ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। मामले में जहां मुकेश गुप्ता (Mukesh Gupta) की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई, वहीं दूसरे आवेदक साडा के तत्कालीन सीईओ सूर्यभान सिंह को अग्रिम जमानत दे दी गई। वहीं कुछ कंडीशन के साथ गिरफ्तारी की स्थिति में 25 हजार के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने का भी आदेश दिया। प्रकरण पर शासन की ओर से महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने पैरवी की थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।