टीआरपी न्यूज़। सरकार तीन चरणों में टीका लगवाएगी। इनमें पहले चरण में सभी फ्रंटलाइन हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और दूसरे चरण में आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों को वैक्सीन का टीका लगेगा। राज्य सरकारें इन लोगों का डेटा इकट्ठा करने में लगी हैं। इसके बाद तीसरे चरण में उन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी, जो गंभीर बीमारियों के शिकार हैं। इसके लिए, Co-Win ऐप के ज़रिए एक सेल्फ रजिस्ट्रेशन प्रोसेस की ज़रूरत होगी।

प्ले स्टोर पर मिलेगा कोविन ऐप (Co-WIN App)

सरकार का यह ऐप्लीकेशन आपको गूगल प्ले स्टोर मिलेगा, यहां से ये ऐप डाउनलोड करनी होगी। सरकार का कहना है कि जो लोग ऐप पर पहले से पंजीकृत होंगे उन्हें जल्द से जल्द वैक्सीन मिल जाएगी।

CoWIN ऐप पर Vaccine पाने के लिए कैसे करें रजिस्टर

नागरिक जो स्वास्थ्य वर्कर नहीं हैं, वे CoWin ऐप पर रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के माध्यम से वैक्सीन के लिए रजिस्टर कर सकेंगे। CoWin ऐप को गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर के ज़रिए डाउनलोड किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि ये ऐप्लिकेशन अभी लॉन्च नहीं हुई है। Co-WIN वेबसाइट पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन के लिए 12 फोटो आइडेंटिटी डॉक्यूमेंट्स (Voter ID, Aadhar card, driving license, passport और Pension document, में से किसी एक की ज़रूरत होगी। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद, बेनिफिशियरी को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक SMS आएगा, जिसमें मिली तारीख, वैक्सीनेशन का टाइम और जगह दी जाएगी।

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Co-WIN डिजिटल प्लेटफॉर्म में पांच मॉड्यूल

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुता​बिक को-विन डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में मोबाइल एप्लिकेशन को मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकेगा, इससे वैक्सीन के डेटा रिकॉर्ड को रखने में मदद मिलेगी। वैक्सीन के लिए कोई भी शख्स खुद को इस पर आसानी से रजिस्टर कर सकता है। को-विन ऐप में पांच मॉड्यूल हैं -एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल, रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल, वैक्सीन मॉड्यूल , बेनिफीशियरी अकनॉलिजमेंट मॉड्यूल और रिपोर्ट मॉड्यूल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार -एडमिनिस्ट्रेटर मॉड्यूल उन एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए है, जो इन वैक्सीनेशन सेशन्स का संचालन करेंगे। इन मॉड्यूल के माध्यम से वे सेशन्स बना सकते हैं, जिससे वैक्सीनेटर और मैनेजर को सूचित किया जा जाएगा।

ऐप से वैक्सीन के लिए रजिस्टर करने में मिलेगी मदद

रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल लोगों को वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर करने के लिए है। यह स्थानीय अधिकारियों या सर्वेक्षणकर्ताओं द्वारा प्रदान की गई को-मॉर्बिडिटी पर बल्क डेटा अपलोड करेगा। वैक्सीनेशन मॉड्यूल बेनिफीशियरी डेटा को अपडेट करेगा और वैक्सीनेशन की स्थिति को अपडेट करेगा, जबकि बेनिफीशियरी अकनॉलिजमेंट मॉड्यूल लाभार्थियों को एसएमएस भेजेगा और एक वैक्सीनेशन के बाद क्यूआर-आधारित प्रमाण पत्र भी देगा।

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कोरोना वैक्सीन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुता​बिक रिपोर्ट मॉड्यूल में कितने वैक्सीन सेशन आयोजित किए गए हैं, कितने लोग इसमें शामिल हुए हैं, कितने लोग बाहर हुए हैं, इस तरह की रिपोर्ट इसमें तैयार की जाएगी। मोबाइल एप्लिकेशन मुख्य सर्वर पर कोल्ड-स्टोरेज सुविधाओं के तापमान का रियल-टाइम डेटा भी बताएगा।

बूथ लेवल पर वैक्सीन देने की तैयारी

शनिवार को ड्राई रन के बाद हेल्थ मिनिस्टर हर्षवर्धन ने कहा था कि टीकाकरण अभियान इलेक्शन प्रोसेस की तरह बूथ लेवल पर किया जाएगा। इसके लिए 719 जिलों के 57 हजार लोगों की ट्रेनिंग हुई है। अब तक 96 हजार लोगों की ट्रेनिंग की बात कही गई है। बता दें कि भारत में कल यानी शनिवार को ही कोरोना वैक्सीन का ड्राई रन यानी पूर्वाभ्यास हुआ था। अब तक दो वैक्सीन (‘कोविशील्ड’ और ‘कोवैक्सीन’) को एक्सपर्ट कमेटी द्वारा इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए ग्रीन सिग्नल मिल चुका है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।