मुंबई। Cryptocurrency क्रिप्टोकरेंसी के तर्ज आरबीआई RBI एक आधिकारिक डिजिटल करेंसी को जल्द से जल्द देश में लाने के लिए काम कर रहा है। आरबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डिजिटल करेंसी को लाने से क्या फायदे होंगे और यह कितना उपयोगी होगी।

इसको लेकर शुक्रवार को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो ने कहा कि केंद्रीय बैंक की डिजिटल करेंसी के मॉडल पर आरबीआई का आंतरिक पैनल काम कर रहा है और बहुत जल्द इस पर भी फैसला लेगा।

वहीं आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, डिजिटल करेंसी के संबंध में मुझे लगता है कि हमने पहले ही अपना दस्तावेज जारी कर दिया है। हमारा डिजिटल भुगतान दस्तावेज यह बताता है कि डिजिटल मुद्रा आरबीआई में प्रगति पर है।


2009 में हुई थी “बिटकॉइन” की शुरुआत

आपको याद दिला दें कि क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत 2009 में हुई थी जो “बिटकॉइन” थी। इसको जापान के सतोषी नाकमोतो नाम के एक इंजीनियर ने बनाया था। शुरू में यह उतनी नहीं चली लेकिन धीरे-धीरे इसके रेट आसमान छूने लगे, जिससे यह सफल हो गई। देखा जाए तो अब तक लगभग 1000 प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मौजूद हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।