टीआरपी डेस्क। कोरोना वायरस से होने वाली महामारी के कारण दुनियाभर में अबतक 10.84 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसके लक्षण कोल्ड और फ्लू से काफी मिलते-जुलते हैं। कोविड के इस दौर में लोग इन लक्षणों से बहुत सहमे हुए से हैं। बुखार आना, खांसी होना, सर्दी जैसे कई लक्षण कोरोना या कोल्ड-फ्लू में एक जैसे होते हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि व्यक्ति को सामान्य कोल्ड-फ्लू हुआ है या फिर कोरोना। अबतक कोरोना से संक्रमित ज्यादातर लोगों में बुखार, खांसी, गंध और स्वाद महसूस कर पाने में कमी जैसे लक्षण ( Corona virus symptoms ) देखे गए हैं। मौसम में बदलाव के साथ होने वाले वायरल फ्लू और कोल्ड में भी कोरोना जैसे कई लक्षण दिखते हैं। आइए जानते हैं कि इनमें अंतर कैसे करें और साथ ही कुछ अन्य जरूरी बातें भी, जो आपके लिए जानना जरूरी है…

बुखार की स्थिति क्या है?

सामान्यत: बुखार में शरीर का तापमान बढ़ जाता है। शरीर का तापमान यदि 37.8 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा है। यह ज्यादा बुखार की स्थिति है। भले ही बुखार कोरोना के प्रमुख लक्षणों में से है, लेकिन ऐसा फ्लू में या फिर किसी दूसरे वायरल संक्रमण में भी हो सकता है। 

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कोल्ड और फ्लू 

अगर कोई व्यक्ति कोल्ड या फ्लू का शिकार हैं तो उसे खांसी, सर्दी या अन्य लक्षण हो सकते हैं। फ्लू अचानक होता है और ऐसे में पीड़ित को मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगने, सिर दर्द, थकान, गले में खराश, सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं होती हैं। कोल्ड में भी लगभग ऐसे ही लक्षण होते हैं। हालांकि फ्लू की तुलना में यह कम खतरनाक होता है। 

कोरोना की खांसी अलग होती है?

खांसी होना, कोरोना, कोल्ड या फ्लू तीनों का कॉमन(समान) लक्षण है। लेकिन कोरोना वायरस की खांसी कुछ अलग होती है। बहुत सारे मामलों में देखा गया है कि कोरोना संक्रमित को एक घंटे तक या उससे ज्यादा देर तक लगातार खांसी भी हो सकती है। एक दिन में उसे तीन या ज्यादा बार ऐसी गंभीर खांसी हो सकती है। ज्यादातर मामलों में सूखी खांसी भी देखी गई है। खांसी में आराम ना मिलने पर कोरोना की जांच करा लेने में ही समझदारी है। 

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कुछ और लक्षणों के बारे में जानें

स्वाद और गंध न आना भी कोरोना के प्रमुख लक्षणों में से है। हालांकि सामान्य कोल्ड में भी ऐसा हो सकता है। लेकिन बेहतर है कि इस स्थिति में कोरोना की जांच करा ली जाए।
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. पीबी मिश्रा कहते हैं कि केवल छींक आना कोरोना का लक्षण नहीं हो सकता। ऐसा तो सामान्य कोल्ड में भी होता है। हालांकि कोरोना मरीज के छींकने पर बाहर आए ड्रॉपलेट्स से कोरोना फैल सकता है। केवल सर्दी होना भी कोरोना का लक्षण नहीं हो सकता। 

कोरोना में ये लक्षण है अलग

कोरोना वायरस के हल्के लक्षण, गंभीर लक्षण या बिना लक्षण वाले मरीज भी होते हैं। आमतौर पर पांच दिन के अंदर इसके लक्षण सामने आ जाते हैं। कई बार लक्षण सामने आने में 14 दिन भी लग सकते हैं। डॉ. पीबी मिश्रा के मुताबिक सांस में तकलीफ (Breathing problems) होनो कोरोना का सबसे गंभीर लक्षण है। सामान्य कोल्ड या फ्लू में सांस लेने में गंभीर दिक्कत नहीं होती है। डॉ. मिश्रा कहते हैं कि यदि आपको सांस लेने में तकलीफ हो तो कोरोना की तुरंत जांच करा लें और डॉक्टर से मिलें। 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।