काला दिवस
श्रमिक संगठन मना रहे हैं काला दिवस, केंद्र के नए श्रम कानूनों का विरोध

रायपुर। श्रमिक संगठनों द्वारा आज पूरे देश में कार्यस्थल पर काला फीता लगाकर काला दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ की कोयला परियोजनाओं में भी कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किये गए बदलाव का विरोध किया।

देश की राजधानी में चल रहे किसानो के प्रदर्शन को समर्थन देने सहित केंद्र के नए श्रम कानूनों के विरोध में श्रमिक संगठनो द्वारा आज काला दिवस मनाया जा रहा है। एटक एसईसीएल के महासचिव हरिद्वार सिंह ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में मजदूरों के 44 श्रम कानूनों को खत्म कर केंद्र सरकार ने 4 लेबर कोड पारित कर दिया है, मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं, देश के सरकारी उपक्रमों को पूंजीपतियों के हाथों बेचा जा रहा है।

जबरन रिटायर करने की योजना ला रही सरकार

कर्मचारियों को 35 वर्ष की सेवा या 50 वर्ष की आयु के बाद जबरन रिटायर करने की योजना सरकार ला रही है, रात्रि पाली में महिलाओं को ड्यूटी करने का कानून पास कर दिया गया है, कोल इंडिया को कई कंपनियों में बांटने की योजना चल रही है, ठेका मजदूरों का शोषण किसी से छुपा नहीं है, आज भी ठेका मजदूरों को कोल इंडिया की हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिल रहा है, सीएमपीएफ को ईपीएफ में विलय करने की योजना है, किसानों को ज़मीन अधिग्रहण के बदले रोजगार नहीं देने की योजना आदि ऐसी मजदुर विरोधी नीतियां केंद्र सरकार बना रही है।

See also  CG Politics: रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की तारीख दूसरी बार टली, अब इस दिन होगा चुनाव

गौरतलब है कि केंद्र की NDA सरकर के 26 मई 2014 को शपथ लिया था। इसी दिन को मजदुर संगठन काला दिवस के रूप में मना रहे हैं।

हरिद्वार सिंह ने बताया कि कोल् इंडिया की लगभग 70 परियजनाओं में यह प्रदर्शन हुआ। इनमे सर्वाधिक स्थानों पर एटक और इसके अलावा सीटू और एच एम् एस से जुड़े संगठनों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

 

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।