रायपुर। प्रदेश में प्लास्टिक (Plastic) की बोतल में शराब बेचने पर पूरी पाबंदी लगा दी है। पर्यावरण

के साथ-साथ यह सेहत (Health) के लिए भी नुकसान दायक है। आबकारी विभाग ने इस संबंध में

आदेश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। प्लास्टिक को बोतल में शराब बेचे

जाने का मुद्दा सबसे पहले टीआरपी ने ही उठाया था।

 

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प्रदेश में इस नई व्यवस्था के तहत अब देशी शराब कांच की बोतल में ही बिकेगी। एक दिसंबर से

शराब दुकानों में कांच के बोतलों में स्टाक बेचने इंतजाम किया जाएगा। राज्य शासन ने केवल देशी

शराब ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी शराब के लिए कांच की बोतल में प्लास्टिक के सीलिंग सिस्टम को भी

खत्म कर दिया है। बॉटलिंग होने के बाद सीलिंग के लिए लगने वाला प्लास्टिक अब हटाया जाएगा।

क्या है शासन द्वारा जारी आदेश 

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्लास्टिक के उपयोग से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण

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तथा फैलने वाले कचरे को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि प्लास्टिक बोतलों तथा प्लास्टिक कैप के

उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। आबकारी विभाग द्वारा 1 दिसंबर 2019 से देशी मदिरा में उपयोग होने वाली

प्लास्टिक बोतलों तथा विदेशी मदिरा में लगने वाले प्लास्टिक सीलिंग कैप का उपयोग बंद कर दिया जाएगा।

 

इसके लिए सभी आसवनियों, विदेशी मदिरा भराई करने वाली यूनिट, ब्रेवरेज कार्पोरेशन, मार्केटिंग कार्पोरेशन

को भी दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। राजधानी में औसतन हर महीने 8 लाख लीटर देशी शराब की खपत

होती है।  इसकी कीमत 50 करोड़ रुपए तक पहुंच जाती है।

 

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।