रायपुर। प्रदेश के सबसे चर्चित 36 हजार करोड़ के नान घोटाला मामले में एक और नया ट्विस्ट (New twist) आया है। नान मामले में दफ़न कई गहरे राज से पर्दा उठते जा रहा है। नान के निलंबित डिप्टी एकाउंटेट चिंतामणि चंद्राकर (Suspended deputy accountant Chintamani Chandrakar) के पास 20 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

इतना ही नहीं ईओडब्लू (Eow) की टीम के पास जब्त लैपटॉप में 40 से 50 अधिकारियों, ठेकेदारों और नेताओं की जानकारी होने की बात कही जा रही है। ये वही लोग हैं जिनके पास नान से पैसा पहुंचाया जाता था।

मिल रही जानकारी के अनुसार जल्द ही लैपटॉप को परीक्षण के लिए हैदराबाद (Hyderabad) स्थित लैब भेजा जाएगा। ताकि पड़ताल में सामने आ रहे सच को शीघ्र प्रमाणित किया जा सके। बता दें कि बीते दिनों ईओडब्ल्यू (Eow) की टीम ने चिंतामणि के ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई करते हुए नगदी सहित अन्य कई तरह की सामग्रियाँ जब्त की थी। जब्ती के बाद अधिकारियों ने स्क्रूटनी की। स्क्रूटनी के बाद जो खुलासा हुआ उसे देखकर अधिकारी खुद हैरान हो गए हैं।

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ईओडब्ल्यू (Eow) की टीम ने चंद्राकर के दुर्ग, राजनांदगाँव, कांकेर, बैंगलुरु स्थित ठिकानों पर दबिश थी। इन चार ठिकानों पर मिले दस्तावेजों की जांच में दुर्ग में दो करोड़ का मकान, राजनांदगाँव में 27 एकड़ का फार्म हाउस और डेढ़ करोड़ का मकान, 3 लग्जरी गाड़ियाँ, परिवारों के नाम पर नगदी सहित अन्य संपत्तियाँ और बेंगलुरु में आलीशान मकान सहित अन्य चीजों की जानकारी मिली है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।