मुंबई। एटीएम से पैसे निकालने का तरीका बदलने वाला है। आने वाले कुछ दिनों में हो सकता है कि एटीएम से पैसे निकालने के लिए मशीन के किसी भी पार्ट को टच करने की जरूरत न पड़े। कैश और डिजिटल पेमेंट सलूशन देने वाली कंपनी एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नॉलजीज ने सोमवार को बताया कि उसने COVID-19 से बचाव के लिए खास टचलेस एटीएम सलूशन का सफलतापूर्वक टेस्ट कर लिया है।

QR कोड को करना पड़ता है स्कैन


इस कॉन्टैक्टलेस सलूशन को अभी बैंक टेस्ट कर रहे हैं। टचलेस कैश विड्रॉल टेक्नॉलजी मोबाइल ऐप के जरिए काम करती है। इसके लिए ग्राहक को एटीएम स्क्रीन पर दिख रहे QR को स्कैन करना पड़ता है। इसके बाद स्क्रीन पर बैंक के मोबाइल ऐप पर दिए गए निर्देशों को फॉलो करना है। बिना टच और मोबाइल ऐप्लिकेशन के जरिए पैसे निकालने के लिए अमाउंट के बाद mPIN एंटर करने की जरूरत पड़ती है।

कोविड-19 और एटीएम फ्रॉड से बचने का तरीका

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कंपनी ने बताया कि QR कोड फीचर की मदद से कैश विड्रॉ करने में काफी कम समय लगता है और यह सुरक्षित भी है। यह टेक्नॉलजी न सिर्फ कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे को कम करती है, बल्कि इससे एटीएम पिन और कार्ड स्किमिंग से होने वाले फ्रॉड से बचने में भी मदद मिलती है।

बैंकों को करना होगा सॉफ्टवेयर अपडेट

इस टेक्नॉलजी के देश भर के बैंक बड़ी आसानी से अपना सकते हैं। इसके लिए बैंकों को एटीएम चेंज करने की जरूरत नहीं। एटीएम टचलेस कैश विड्रॉल को सपॉर्ट करे इसके लिए केवल बैंकों को मौजूदा सॉफ्टवेयर अपडेट करने की जरूरत है। कंपनी ने अबतक देशभर 72 हजार एटीएम के नेटवर्क्स को इंस्टॉल, मेनटेन और मैनेज किया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।