कोरोना की इस दवा के लिए उमड़ा लोगों का हुजूम.... ICMR करेगा क्षमता की जांच

टीआरपी डेस्क। आंध्र प्रदेश में इन दिनों कोरोना की आयुर्वेदिक दवा ‘कृष्णपटनम’ के लिए लोगों का हुजूम सड़कों पर उमड़ पड़ा है। लोग इस दौरान सोशल डिस्टेसिंग का भी पालन नहीं कर रहे हैं। इस दवा की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार ने कोरोना में असर की जांच के लिए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च से सिफारिश की है।

https://twitter.com/Sai_Mohan_999/status/1395628408302759944?s=20

बता दें कि यह दवा आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में काफी बांटी जा रही है। लोग इसे कोरोना से निपटने में अहम मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे भी कई वीडियोज सामने आए हैं, जिनमें हजारों की संख्या में लोग इस दवा को लेने के लिए उमड़ते दिख रहे हैं।

इसी के चलते प्रदेश सरकार ने एक तरफ इस दवा की क्षमता की जांच के लिए आईसीएमआर से सिफारिश की है तो दूसरी ओर एक्सपर्ट्स की एक टीम भी नेल्लोर जिले भेजने का फैसला लिया है। एक्सपर्ट्स की टीम दवा के फॉर्म्युलेशन को लेकर ऑन द स्पॉट स्टडी करेगी।

See also   आय कर की छापेमारी में TMC विधायक के ठिकानों से 11 करोड़ बरामद 

जानें, कौन बांट रहा यह दवा और क्यों जुट रहे हजारों लोग

बता दें कि नेल्लोर जिले के कृष्णपटनम गांव में इस दवा को लेने के लिए हजारों लोगों की भीड़ जुट रही है। यहां तक कि भीड़ की ओर से कोरोना प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन किया जा रहा है। यह दवा गांव के सरपंच रहे और आयुर्वेद प्रैक्टिशनर बी. आनंदैया की ओर से दी जा रही है। उन्होंने 21 अप्रैल को इस दवा को बांटने का काम शुरू किया था।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।