राष्ट्रपति से भी कम होती है प्रधानमंत्री की सैलरी, जानिए कितना कमाते हैं संवैधानिक पदों पर बैठे लोग
राष्ट्रपति से भी कम होती है प्रधानमंत्री की सैलरी, जानिए कितना कमाते हैं संवैधानिक पदों पर बैठे लोग

टीआरपी डेस्क। देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे गणमान्य पदों पर आसिन लोगों के ऊपर कई बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। क्या आप जाते हैं कि इन्हें कितनी सैलरी और क्या सुविधाएं दी जाती हैं।

Ramnath Kovind

भारत के राष्ट्रपति की सैलरी 5 लाख रुपये प्रतिमाह होती है। इसे 2016 के जनवरी महीने में 1.5 लाख रुपये का इजाफा कर 5 लाख किया गया था। इसके साथ ही उन्हें अन्य कई सुविधाएं भी मिलती है। जैसे राष्ट्रपति आवास में रहना होता है, जो बेहत ही खूबसूरत और बड़ा है। राष्ट्रपति को 25 कारों का काफिला मिलता है, कहीं भी जाते समय काफिले के बीच में उनकी कार होती है।

Modi

देश के प्रधानमंत्री की सैलरी 1 लाख 60 हजार रुपये प्रतिमाह होती है। इस बात का खुलासा एक आरटीआई के सवाल में हुआ था। जिसे 2012 में डाला गया था और उसका जवाब 2013 में मिला था। इसके अलावा उन्हें प्रधानमंत्री और संसद के सदस्य के रूप में भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं।
Venkaiah Naidu
भारत के उपराष्ट्रपति की सैलरी 4 लाख रुपये प्रतिमाह होती है। उन्हें इसके साथ ही अन्य कई तरह की सुविधाएं भी मिलती हैं। उपराष्ट्रपति का संवैधानिक पद भी काफी महत्वपूर्ण होता है।

Governor

राज्यों के गवर्नर पर आएं तो उन्हें 3 लाख 50 हजार रुपये सैलरी मिलती है। उन्हें भत्ता और अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिया जाता है। किसी राज्य का राज्यपाल होने के नाते पद पर बैठे व्यक्ति पर जिम्मेदारियों का काफी भार होता है।

Cji

देश के मुख्य न्यायाधीश की बात करें तो उन्हें 2 लाख 80 हजार रुपये प्रतिमाह सैलरी मिलती है। जिसमें अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के जजों को 2 लाख 50 हजार रुपये की सैलरी मिलती है।
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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।