नेशनल डेस्क। भारतीय वायुसेना 8 अक्तूबर 2020 को अपनी 88वीं वर्षगांठ पूरे गर्व से मनाएगी। 88वीं वर्षगांठ के दौरान राफेल लड़ाकू विमान की गर्जना एक बार फिर देश के दुश्मनों की नींद उड़ाने वाली है। राफेल लड़ाकू विमान एक बार फिर उड़ान भरने वाले हैं।

इस अवसर पर हिंडन (गाजियाबाद) स्थित वायु सैनिक अड्डे पर वायुसेना दिवस परेड एवं अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दिन राफेल लड़ाकू विमान वायु सेना की परेड में हिस्सा लेंगे।

याद दिला दे की पांच राफेल लड़ाकू विमानों को आधिकारिक रूप से 10 सितंबर को अंबाला में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था। भारतीय वायु सेना के मुताबिक, राफेल 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, ट्विन-इंजन ओम्नीरोल, एयर वर्चस्व, अंतर्विरोध, हवाई टोही, जमीनी समर्थन, गहराई में प्रहार, जहाज-रोधी और परमाणु निवारक लड़ाकू विमान, हथियारों की एक विस्तृत श्रृंखला से लैस है। 
 
बता दें कि 29 जुलाई को फ्रांस से पांच राफेल विमान भारत आए थे। भारतीय वायुसेना में राफेल के शामिल होने से सबसे ज्यादा चिंता हमारे पड़ोसी देशों पाकिस्तान और चीन को ही हो रही है। दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक राफेल भारतीय सेना की ताकत को मजबूत करेंगे।

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