रेशमलाल जांगड़े के परिवार ने की कांग्रेस छोड़ने की घोषणा कहा सीएम और पीसीसी चीफ नहीं देते मिलने का समय

रायपुर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और कांग्रेस-भाजपा से सांसद रहे दिवंगत नेता रेशमलाल जांगड़े के परिवार ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। उनके बेटे हेमचंद जांगड़े ने कहा, कांग्रेस से जुड़ते समय वादा किया गया था, उनके परिवार के मान-सम्मान का ध्यान रखा जाएगा। पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें एक मुलाकात तक का समय नहीं दिया।

बता दें कि हेमचंद और उनकी मां कमला जांगड़े लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस में शामिल हुए थे। उस समय हेमचंद, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में पदाधिकारी थे। हेमचन्द, राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य थे, उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान होकर यह कदम उठाया है।

उनका आरोप है कि पार्टी के लोग अपने लोगों से घिरे हुए है, ढाई साल के कार्यकाल में पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं से दूर होती जा रही है, पत्र देने के बाद भी न सीएम और न ही पीसीसी चीफ मोहन मरकाम समेत अन्य मिलने का समय नहीं देते हैं, यह मेरे परिवार का अपमान है इसलिए मैं पार्टी को छोड़ रहा हूं।

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निगम-मंडलों में नियुक्तियों से भी जुड़ी है नाराजगी

बताया जा रहा है कि जांगड़े परिवार की नाराजगी सरकारी निगम-मंडल और आयोगों में हुई राजनीतिक नियुक्तियों से भी जुड़ी है। लोकसभा चुनाव के समय सतनामी समाज के नेता जब हेमचंद जांगड़े को कांग्रेस में शामिल होने के लिए तैयार कर रहे थे, तब ऐसे पद का भी आश्वासन था। पिछली तीन सूचियों में स्थान नहीं मिलने के बाद उनकी यह उम्मीद टूट गई।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।