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सेल के कर्मचारियों पर मंडराया नौकरी जाने का खतरा,

टीआरपी डेस्क। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया में संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को कोरोना काल के दौरान और मुश्किल समय का सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सेल कोलकाता में अपने कच्चे माल के डिवीजन मुख्यालय को कभी भी ‘‘बंद’’ कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स से यह जानकारी निकलकर सामने आ रही है.

ऐसा माना जा रहा है कि यह निर्णय इकाई से जुड़े संविदा कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका होगा। हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक घोषणा की जानी बाकी है। मीडिया में आ रही जानकारी के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड ने कोलकाता में डिवीजन मुख्यालय को बंद करने और अपनी खानों का नियंत्रण उनके स्थान के आधार पर राउरकेला स्टील प्लांट (ओडिशा) और बोकारो स्टील प्लांट (झारखंड) को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।’’

सालाना लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना

जानकारी के अनुसार ओडिशा में स्थित सेल की खदानें राउरकेला स्टील प्लांट के प्रशासनिक नियंत्रण में आएंगी जबकि झारखंड की खदानें बोकारो स्टील प्लांट के अधिकार क्षेत्र में आएंगी। इस कदम से प्रमुख स्टील कंपनी को सालाना लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत होने की संभावना है। हालांकि इससे संविदा पर काम करने वाले लोगों पर गाज गिर सकती है।

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इस फैसले पर दोबारा विचार करने कहा

वहीं कोलकाता में डिवीजन मुख्यालय ने सेल की चेयरमैन सोमा मंडल से इस फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस मुद्दे में हस्तक्षेप की बात कही है। मीडिया से बातचीत में कहा गया है कि कोलकाता स्थित डिवीजन मुख्यालय में गैर-संविदात्मक कर्मचारियों को राउरकेला और बोकारो में स्थानांतरित किया जाएगा।

हालांकि संविदा कर्मचारियों की नौकरी को झटका लग सकता है। वहीँ, संविदा कर्मचारियों के एक वर्ग ने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए सेल अध्यक्ष सोमा मंडल से संपर्क किया था। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हस्तक्षेप की भी मांग की थी। बता दें कि शुक्रवार को सेल अथॉरिटी ऑफ इंडिया के शेयर पांच फीसदी ऊपर चढ़े थे।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।