टीआरपी न्यूज़। मंगलवार को किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में फैसला दे दिया है। आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। बता दें कि किसान नेता, किसानों के वकील और और केंद्र सरकार के वकील के सामने ये रोक लगाई गयी है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कृषि कानून रद्द भी कर सकते हैं। हम ऐसा करने जा रहे हैं। हम कृषि कानूनों पर रोक लगाने जा रहे हैं। इससे पहले किसानों ने कहा कि हम यही चाहते हैं कि कृषि कानून वापस हों। किसान इन कानूनों को नहीं चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट कहा कि हम अपने लिए कमेटी बना रहे हैं। कमेटी के सामने कोई भी जा सकता है।

समिति के पास न जाने की बात पर किसानों को फटकार लगाई

कृषि कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं और किसान आंदोलने से जुड़े याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है और एक कमेटी का गठन करने का आदेश दिया है। इससे पहले कोर्ट ने समिति के पास न जाने की बात पर किसानों को फटकार लगाई है और कहा कि हम समस्या का हल चाहते हैं, मगर आप अनिश्चितकालीन आंदोलन करना चाहते हैं तो आप कर सकते हैं। 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।