टीआरपी डेस्क। World Cancer Day 2021 : कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर सही वक्त पर इलाज नहीं हुआ तो मरीज की जान जाना तय है। इस जानलेवा बीमारी से दुनिया में सबसे ज्यादा मौत होती हैं। लेकिन इससे सिर्फ लोगों की जान ही नहीं जा रही है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। कैंसर के कई प्रकार होते हैं।

कैंसर से जूझ रहे हैं 22.5 लाख लोग 

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के डाटा के अनुसार, इस साल भारत में 17 लाख से अधिक लोगों को कैंसर हो सकता है। वहीं आठ लाख से ज्यादा मरीजों की 2021 तक कैंसर की वजह से जान जा सकती है। भारत में पहले ही 22.5 लाख लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे हैं। 

भारतीय अर्थव्यवस्था हो रही प्रभावित

कैंसर का इलाज बेहद महंगा है। इससे ना सिर्फ लोगों की जान जा रही है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक, एक हजार मरीजों का कैंसर थेरेपी पर औसतन 37,000 रुपये खर्च होता है। कैंसर का हर मरीज इसके इलाज के लिए खर्च नहीं कर सकता है। अन्य बीमारियों से तुलना करें, तो कैंसर के इलाज के लिए मरीजों को ढाई गुना ज्यादा खर्च करना होता है, जिनमें से आमतौर पर मरीज 60 फीसदी खर्चा घर से ही निकाल लेते हैं और 32 फीसदी खर्च का इंतजाम कहीं और से करते हैं, जैसे लोन के माध्यम से। यूरोपियन शॉर्ट टर्म साइंटिफिक मिशन के एक अध्ययन के मुताबिक, कैंसर के कारण उत्पादन में घाटे की वजह से भारत की जीडीपी में 0.36 फीसदी की कमी आई है।  

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कैंसर से जाती है 8.3 फीसदी लोगों की जान

भारत में हार्ट अटैक के बाद कैंसर दूसरी ऐसी बीमारी है, जिसकी वजह से लोगों की सबसे ज्यादा जान जाती है। साल 2016 में हुए आईसीएमआर और स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अध्ययन के अनुसार, कुल मृत्यु में से 8.3 फीसदी लोगों की जान कैंसर की वजह से जाती है। 1990 के बाद से यह आंकड़ा दुगुना है। 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, भारत में एक लाख लोगों में से 79 फीसदी लोगों की जान कैंसर की वजह से जाती है। पूरे विश्व में कैंसर की वजह से जितनी मृत्यु होती है, उनमें से छह फीसदी भारतीय हैं।  

साल 2018 में भारत में सबसे ज्यादा महिलाओं की जान सर्वाइकल कैंसर की वजह से गई थी। यह आंकड़ा 60,000 था। यानी हर आठ मिनट और 46 सेकेंड में सर्वाइकल कैंसर की वजह से एक भारतीय महिला की जान गई थी। 

World Cancer Day 2021 Theme

विश्व कैंसर दिवस हर साल 4 फरवरी को दुनिया भर में मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस की थीम 2019 से 2021 तक तीन साल के लिए “मैं हूं और मैं हूं” रही है।

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कैंसर के कुछ लक्षण

  • अत्यधिक थकान
  • कमजोरी
  • फोड़ा या गांठ
  • कफ और सीने में दर्द
  • कूल्हे या पेट में दर्द
  • नि‍प्पल में बदलाव
  • पीरियड्स में तकलीफ
  • बेवजह वजन घटना

धूम्रपान के अलावा, कैंसर के जोखिम कारकों में शामिल हैं

  • शराब का भारी सेवन
  • अतिरिक्त शरीर का वजन
  • शारीरिक निष्क्रिया
  • खराब पोषण
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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।