नई दिल्ली। National Voters Day 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एनवीडी) के अवसर पर केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद सोमवार को Voter ID card will be available on phone वोटर आईडी कार्ड का इलेक्ट्रोनिक वर्जन लॉन्च करने जा रहे हैं।

जिसे मोबाइल फोन या किसी पर्सनल कम्प्यूटर पर डाउनलोड किया जा सकता है। मतदाता फोटो पहचान पत्र के इस डिजिटल संस्करण को मतदाता हेल्पलाइन ऐप और वेबसाइटों https://voterportal.eci.gov.in/ और https://www.nvsp.in/ के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है। इसे ई-ईपीआईसी (इलेक्ट्रॉनिक इलेक्टोरल फोटो आइडेंटिटी कार्ड) प्रोग्राम कहते हैं, जिसे मोबाइल फोन या पर्सनल कंप्यूटर पर डाउनलोड किया जा सकता है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि ई-इलेक्टर फोटो पहचान पत्र निर्वाचक फोटो पहचान पत्र का डिजिटल वर्जन है और इसे डिजिटल लॉकर जैसी सुविधाओं में सहेजा जा सकता है और प्रिंट किया जा सकता है। यह नए रजिस्ट्रेशन के लिए जारी की गई फिजीकल आईडी के अतिरिक्त है।

दो चरणों में शुरू की जाएगी योजना

ई-ईपीआईसी पहल दो चरणों में शुरू की जाएगी। पहले चरण में 25 से 31 जनवरी तक, सभी नए मतदाता जिन्होंने वोटर-आईडी कार्ड के लिए आवेदन किया है और फॉर्म -6 में अपने मोबाइल नंबर पंजीकृत किए हैं, वे केवल अपने मोबाइल नंबर को प्रमाणित करके ई-ईपीआईसी डाउनलोड कर पाएंगे।

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मोबाइल नंबर यूनीक होने चाहिए और पहले ईसीआई की मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं होने चाहिए। दूसरा चरण 1 फरवरी से शुरू होगा। यह आम मतदाताओं के लिए खुला होगा। जिन सभी ने अपने मोबाइल नंबर (लिंक किए हुए हैं) दिए हैं, वे अपना ई-ईपीआईसी भी डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के एक बयान में रविवार को कहा गया, “केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ई-ईपीआईसी कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे और ई-ईपीआईसी और पांच नए मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र वितरित करेंगे।”

बता दें कि ये पहल पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों से पहले की जा रही है। बयान में कहा गया है कि फिजिकल कार्ड को मतदाता तक प्रिंट होकर पहुंचने में समय लगता है और यह विचार तेजी से वितरण और आसान पहुंच प्रदान करने के लिए है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।