जगदलपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश रविवार को थम गई। हालांकि, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी है।
इसके चलते इंद्रावती समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। निचले और संवेदनशील इलाकों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। जगदलपुर के पास स्थित डोंगा घाट में फंसे लोगों का वायु सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया है। लगभग 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
शिवरीनारायण में शबरी सेतु से ऊपर बह रहा पानी
वहीं गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण इलाके में महानदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सबसे ज्यादा असर शबरी सेतु पर पड़ा है।

पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है और बताया जा रहा है कि इसके ऊपर करीब 6 फीट पानी बह रहा है। इसके चलते आवागमन प्रभावित हो गया है। कई प्रमुख रास्तों और निचले इलाकों में भी पानी पहुंच चुका है।
रायगढ़ में महानदी खतरे के निशान से ऊपर, सूरजगढ़ में 10 परिवारों के घर खाली कराए
वहीं रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में महानदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में पानी पहुंचने लगा है। रविवार को कई गांवों के आसपास पानी भरने लगा। सूरजगढ़ गांव में स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। यहां प्रशासन ने करीब 10 परिवारों के घर खाली करा कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा।
सूरजगढ़ के अलावा खफरापाली, फरसापाली, नवापाली, चांघोरी, सिंघपुरी, काकई मोहान, बाराडोली, नवापारा ब और रायपाली में भी पानी पहुंचने लगा है। जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय अमला मौके पर पहुंचा। टीम प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रही है।



