रायपुर। वन्यजीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के सहयोग से मोहरेंगा नेचर सफारी, खरोरा, रायपुर में प्रकृति भ्रमण एवं वन्यजीव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 75 महाविद्यालयीन तथा 54 स्कूली विद्यार्थियों सहित कुल 129 विद्यार्थियों ने भाग लिया। स्कूली प्रतिभागियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खरोरा; हेल्पिंग हैंड्स स्कूल, खरोरा तथा होली हार्ट्स स्कूल के विद्यार्थी शामिल रहे।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बायोब्लिट्ज रहा। इस समयबद्ध गतिविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों ने प्रकृति भ्रमण के दौरान अधिक से अधिक वन्यजीव प्रजातियों का अवलोकन और दस्तावेजीकरण किया। उन्होंने देखे गए जीवों का विवरण दर्ज किया, तस्वीरें लीं तथा उनकी पहचान के लिए मार्गदर्शन प्राप्त किया।
गतिविधि के दौरान जीवों को पकड़ने या एकत्र करने के बजाय उनके प्राकृतिक आवास में जिम्मेदारीपूर्वक अवलोकन करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों ने वन विभाग के अधिकारियों से स्थानीय वन्यजीवों, उनके आवासों के संरक्षण तथा प्रकृति भ्रमण के दौरान जिम्मेदार व्यवहार के विषय में संवाद किया। इस बातचीत ने कक्षा में प्राप्त ज्ञान को प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ा और जैव विविधता संरक्षण में विद्यार्थियों की भूमिका को रेखांकित किया।
व्यावहारिक संरक्षण गतिविधि के रूप में विद्यार्थियों ने सीड बॉल का बिखराव भी किया। प्रतिभागियों को कपड़े का बैग, टोपी, पानी की बोतल, नोटपैड, पेन और टी-शर्ट से युक्त छात्र किट वितरित की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रमाणपत्र वितरण, सामूहिक छायाचित्र और जलपान की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम का समापन मोहरेंगा नेचर सफारी से समीपवर्ती गाँव तक वन्यजीव संरक्षण जागरूकता रैली के साथ हुआ। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्थानीय लोगों को वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा का संदेश दिया तथा जैव विविधता संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया।



