नई दिल्ली/रायपुर। अगर आप आने वाले दिनों में इंडिगो एयरलाइंस से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाली है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने अपनी उड़ानों पर नया फ्यूल चार्ज लगाने की घोषणा की है। इसके तहत घरेलू फ्लाइट्स में 1,300 रुपये तक और इंटरनेशनल रूट पर 10,000 रुपये तक एक्स्ट्रा फ्यूल सरचार्ज देना होगा।
ये नई दरें मंगलवार (6 अक्टूबर) रात 12:01 बजे से प्रभावी हो जाएंगी। बीते छह महीनों के भीतर इंडिगो द्वारा किराए में की गई यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले कंपनी ने इसी साल 14 मार्च और 1 अप्रैल को भी टिकटों के दाम बढ़ाए थे।
क्यों महंगा हुआ हवाई सफर
एयरलाइन का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे की वजह से यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है।
हालिया आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 अक्टूबर से घरेलू एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमत ₹121 प्रति लीटर से बढ़कर ₹137 प्रति लीटर हो गई है। यानी महज एक झटके में तेल 16 रुपये (लगभग 13.2%) प्रति लीटर महंगा हो गया।
पिछले तीन महीनों में ऐसे बढ़े जेट फ्यूल के दाम
हवाई जहाज के ईंधन में बीते तीन महीनों में करीब ₹27.28 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त में ₹5/लीटर की बढ़ोतरी हुई। वहीं सितंबर में 6.28/लीटर और अक्टूबर में ₹16/लीटर की भारी बढ़ोतरी हुई।
इंडिगो के मुताबिक, पिछले सिर्फ एक महीने के भीतर जेट फ्यूल 14% से ज्यादा महंगा हो चुका है, जिससे हवाई ईंधन की कीमतें पिछले 10 सालों के उच्चतम स्तर (रिकॉर्ड स्तर) पर पहुंच गई हैं।
एयरलाइंस के बजट पर पड़ा भारी असर
किसी भी एयरलाइन को चलाने में सबसे बड़ा खर्च जेट फ्यूल का ही होता है। किसी भी फ्लाइट के कुल ऑपरेटिंग खर्च में लगभग 30% से 40% हिस्सेदारी अकेले ईंधन की होती है।
तेल के दामों में आए इस अचानक उछाल ने पूरी दुनिया की एयरलाइन कंपनियों का गणित बिगाड़ दिया है। न सिर्फ इंडिगो, बल्कि एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी वैश्विक एयरलाइंस ने भी साफ कर दिया है कि वे ईंधन की इस बढ़ी हुई लागत का बोझ यात्रियों की जेब पर डालने के लिए मजबूर हैं।



