सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। वाराणसी ज्ञानवापी मस्जिद केस की सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से मना कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता इसे लेकर हाईकोर्ट जा सकते हैं। सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि वो जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे।

ज्ञानवापी मामले में वकील एम एम कश्यप की ओर से कहा गया कि याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। जिसमें 1993, 1995 और 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने काशी और मथुरा को लेकर 3 आदेश दिए थे। इन आदेशों में दोनों जगह पर मौजूद वर्तमान मंदिर और मस्जिद की यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा गया था।

याचिकाकर्ता एम एम कश्यप ने कहा है कि 90 के दशक में यह तीनों आदेश अयोध्या मामले में पक्षकार रहे असलम भूरे की याचिका पर आए थे। याचिकाकर्ता ने कहा कि तब अयोध्या की तरह काशी और मथुरा में भी धर्मस्थलों को नुकसान पहुंचाए जाने की आशंका जताई थी।

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वहीं, ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर एक और मामला वाराणसी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है। यह मामला ज्ञानवापी परिसर में भगवान आदि विश्वेश्वर के जमीन के मालिकाना हक, पूजा पाठ का अधिकार के लिए दायर की गई है। यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संस्था की किरन सिंह ने दायर किया है।

लिहाजा मुकदमा किरण सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मुकदमे को लेकर चल रहा है। इस पर आज फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट 6 अक्टूबर को इस मुद्दे पर अगली सुनवाई करेगा। अदालत में 6 अक्टूबर से नियमित तौर पर इस केस की सुनवाई होगी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।