जयपुर। अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरने पर असमंजस की स्थिति हो गई  है । कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और राजस्थान में सरकार के नेतृत्व परिवर्तन के बीच उपजे हालात के बाद अब राजनीतिक समीकरण बदलने लगे हैं ।

राजस्थान की सत्ता के लिए रविवार देर रात हुये संग्राम के बाद अब इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अशोक गहलोत के राष्ट्रीय अध्य्क्ष का नॉमिनेशन करेंगे या नहीं । बताया जा रहा है कि गहलोत समर्थक विधायक इस पक्ष में नहीं है कि वे अध्यक्ष पद के लिये नामांकन दाखिल करें ।


सूत्रों की मानें तो रविवार रात को कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी के आवास पर हुई बैठक में गहलोत समर्थक विधायकों ने अध्यक्ष पद पर नामांकन भरने का विचार छोड़ने का सुझाव दिया है ।

विधायकों का मानना था कि इन परिस्थितियों के बाद चुनाव में परिणाम कुछ भी हो सकता है । लिहाजा इस पर विचार किया जाना चाहिए । वहीं रविवार रात को हुए घटनाक्रम के बाद पर्यवेक्षकों के सामने भारी परेशानी खड़ी हो गई है ।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।