Chhattisgarh Flood News: छत्तीसगढ़ में लगातार दो दिनों तक हुई बारिश के बाद सोमवार को कई इलाकों में बारिश की तीव्रता कम हुई, लेकिन नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। रायपुर से लेकर बस्तर और रायगढ़ तक कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग ने भी कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।
राजधानी रायपुर में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। रायपुर से अमलेश्वर जाने वाला रास्ता दूसरे दिन भी बंद रहा। आरंग के निषदा गांव में नदी का पानी अभी भी बस्तियों में मौजूद है। लगातार बढ़े जलस्तर के कारण प्रशासन और राहत दलों की निगरानी बढ़ाई गई है।

बस्तर में हेलिकॉप्टर से 10 लोगों का रेस्क्यू
जगदलपुर के पास डोंगा घाट में पानी बढ़ने के कारण करीब 10 लोग फंस गए थे। रविवार सुबह वायुसेना के हेलिकॉप्टर की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बस्तर में बारिश थमने के बाद भी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने का सिलसिला जारी रहने के कारण कई नदी-नालों का जलस्तर ऊंचा बना हुआ है।
महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा
गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी में पानी का बहाव बढ़ गया है। इसका असर नदी किनारे बसे इलाकों में दिखाई दे रहा है। जांजगीर-चांपा क्षेत्र के शिवरीनारायण में शबरी सेतु पूरी तरह पानी में डूब गया है। बताया गया कि पुल से करीब सात फीट ऊपर तक पानी बह रहा है।
रायगढ़ के 10 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
रायगढ़ जिले के पुसौर ब्लॉक में महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई तटीय गांव प्रभावित हुए हैं। सूरजगढ़ सहित खफरापाली, फरसापाली, नवापाली, चांघोरी, सिंघपुरी, काकई मोहान, बाराडोली, नवापारा-ब और रायपाली में पानी पहुंचने की जानकारी है। करीब 10 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
गिधौरी में बस्तियों तक पहुंचा महानदी का पानी
बलौदाबाजार जिले के गिधौरी में महानदी का पानी बस्तियों तक पहुंच गया। यहां बाढ़ के पानी के बीच लोग नहाते हुए भी नजर आए। दूसरी ओर शिवरीनारायण में शबरी सेतु के डूबने के बाद आवागमन प्रभावित हुआ है। नदी के बढ़े जलस्तर को देखते हुए लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
गरियाबंद में मकान गिरा, चार घायल
गरियाबंद के राजापड़ाव क्षेत्र में रात के समय कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग घर के भीतर सो रहे थे। मकान गिरने से खामसिंग विश्वकर्मा, उनकी पत्नी मैनाबाई और सात वर्षीय सुशांक समेत चार लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
रायगढ़ में भी मकान गिरने से तीन घायल
रायगढ़ के पुसौर ब्लॉक के नंदेली गांव में देर रात करीब तीन बजे कच्चा मकान गिर गया। हादसे में रोहणी महंत, रतन महंत और उनके 13 वर्षीय बेटे शिवम के घायल होने की जानकारी है। तीनों का उपचार जारी है। लगातार बारिश और नमी के कारण कच्चे मकानों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
बलरामपुर में ग्रामीण
बलरामपुर जिले के कोटपाली-खजुरी गांव में कन्हर नदी के तेज बहाव के बीच तीन ग्रामीण फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाया। सरजू चेरवा, राजकुमारी और फूलमनिया को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों परसाटोली गांव के रहने वाले बताए गए हैं।
बस्तर में इंद्रावती का जलस्तर भी बढ़ा
बस्तर में लगातार बारिश के बाद इंद्रावती नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर हैं। शनिवार रात तक इंद्रावती का जलस्तर 12.56 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 4.26 मीटर ऊपर बताया गया। निचले और संवेदनशील इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है और राहत दलों को अलर्ट रखा गया है।
चित्रकोट में भी दिखा पानी का रौद्र रूप
भारी बारिश के बाद चित्रकोट जलप्रपात भी पूरे वेग के साथ बहता नजर आया। बस्तर में ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी आने के कारण नदी-नालों का बहाव तेज है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी और तेज बहाव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश
छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 26 सितंबर तक प्रदेश में 1190.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य औसत 1132.3 मिलीमीटर है। यानी इस अवधि में बारिश सामान्य से करीब 5.16 प्रतिशत अधिक रही।



