CG Monsoon: छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून का प्रभाव मिला-जुला देखने को मिल रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 23 सितंबर 2026 तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 1 जून से अब तक औसतन 1017.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत (1067.6 मिमी) का 95.3 प्रतिशत है।
बलरामपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, कई जिलों में अच्छे आंकड़े
उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जहां औसत का 167.9 प्रतिशत (1504.5 मिमी) पानी गिरा है। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, महासमुंद और गरियाबंद सहित कई अन्य जिलों में भी सामान्य से अधिक या संतोषजनक बारिश दर्ज की गई है।
कांकेर और सुकमा समेत कई जिलों में मानसून की बेरुखी
राज्य के कई जिलों में मानसून की बेरुखी के कारण कम बारिश दर्ज हुई है। सबसे कम बारिश कांकेर जिले में हुई है, जहां सामान्य औसत का मात्र 68.2% (985.9 मिमी) पानी गिरा है। इसके अलावा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बेमेतरा, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे रहा है।
पिछले 24 घंटों की बारिश और मौसमी गतिविधियां
हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कोंडागांव में सर्वाधिक 41.7 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सुकमा, गरियाबंद, बस्तर और कांकेर में भी अच्छी बौछारें पड़ीं। वहीं सूरजपुर और कोरिया जैसे जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश शून्य दर्ज की गई, जबकि अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है।
कृषि और जल संरक्षण के लिहाज से स्थिति पर नजर
राज्यभर में वर्षा की इस असमानता के बावजूद अधिकांश क्षेत्रों में कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बनी हुई है। हालांकि जिन जिलों में बारिश का प्रतिशत कम रहा है, वहां प्रशासन और कृषि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
- छत्तीसगढ़ में 1 जून से 23 सितंबर तक की अवधि में औसतन 1017.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- बलरामपुर जिले में सबसे अधिक 1504.5 मिमी (167.9%) बारिश दर्ज की गई है।
- कांकेर जिले में सामान्य औसत की तुलना में सबसे कम 68.2% वर्षा दर्ज की गई है।
- कोंडागांव जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 41.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
- इस साल पिछले 10 वर्षों की औसत बारिश का 95.3 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है।



