Chhattisgarh monsoon
छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की सक्रियता के चलते जल संकट की स्थिति काफी हद तक सुधर चुकी है

CG Monsoon: छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की सक्रियता के चलते जल संकट की स्थिति काफी हद तक सुधर चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जून से 13 सितंबर 2026 के बीच प्रदेश में औसत सामान्य वर्षा का 99.9% हिस्सा पूरा हो चुका है।

राज्यभर में अब तक कुल 988.5 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है, जो बीते एक दशक के 989.9 मिलीमीटर के ऐतिहासिक औसत के लगभग बराबर है। पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में औसतन 12.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जिसमें दंतेवाड़ा जिले में सबसे अधिक 46.3 मिमी वर्षा आंकी गई।

बलरामपुर जिला रहा सबसे आगे, उत्तरी छत्तीसगढ़ में बंपर बारिश

वर्षा के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में मानसून विशेष रूप से मेहरबान रहा है। बलरामपुर जिले ने पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए 1482.8 मिलीमीटर कुल बारिश दर्ज की है, जो वहां के सामान्य औसत का 177 प्रतिशत है। इसके अलावा सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 146.3 प्रतिशत, राजधानी रायपुर में 131.8 प्रतिशत, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 127.1 प्रतिशत और महासमुंद में 125.7 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।

मैदानी और अन्य जिलों में संतुलित वर्षा से कृषि को लाभ

मध्य और मैदानी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी मानसून की स्थिति काफी संतोषजनक रही है। बलौदाबाजार, मुंगेली, गरियाबंद और धमतरी जैसे प्रमुख जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण खरीफ फसलों को जबरदस्त मजबूती मिली है। इसके अलावा बिलासपुर (963.0 मिमी), कोरबा (1056.9 मिमी), दुर्ग (742.4 मिमी), सक्ती (927.8 मिमी) और जशपुर (894.7 मिमी) जैसे जिलों ने अपने 10-वर्षीय औसत का लगभग 95% से 107% तक का आंकड़ा प्राप्त कर लिया है, जो एक संतुलित स्थिति को प्रदर्शित करता है।

बेमेतरा और सरगुजा में अभी भी राहत का इंतजार

भले ही पूरे राज्य का औसत कोटा लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ जिलों में अब भी अच्छी बारिश की कमी खल रही है। बेमेतरा जिला प्रदेश में सबसे कम 563.8 मिलीमीटर (सामान्य का 78.2%) वर्षा के साथ तालिका में सबसे नीचे है। इसी तरह सरगुजा संभाग के मुख्य सरगुजा जिले में केवल 589.4 मिमी (79.7%) बारिश ही दर्ज की गई है, जिससे वहां के किसानों को अभी भी मेघ मेहरबानी का इंतजार है।

बस्तर संभाग के जिलों में बारिश की मिली-जुली स्थिति

बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में भी मानसूनी बारिश का वितरण अलग-अलग रहा है। कांकेर जिले में ऐतिहासिक औसत की तुलना में मात्र 67.1% (924.5 मिमी), सुकमा में 70.5% (975.2 मिमी) और बीजापुर में 74.7% (1313.0 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है।

हालांकि, नारायणपुर (1352.7 मिमी) और दंतेवाड़ा (1216.0 मिमी) में स्थिति बस्तर के अन्य जिलों के मुकाबले काफी बेहतर रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ और क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

  • छत्तीसगढ़ में कुल 988.5 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य कोटे का 99.9% है।
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सबसे अधिक 1482.8 मिमी बारिश (सामान्य औसत का 177%) दर्ज की गई है।
  • बेमेतरा जिला 563.8 मिमी (औसत का 78.2%) वर्षा के साथ प्रदेश में सबसे नीचे है।
  • पिछले 24 घंटों में दंतेवाड़ा जिले में सबसे अधिक 46.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
  • इस वर्ष की कुल औसत बारिश (988.5 मिमी) पिछले 10 वर्षों के 989.9 मिमी के ऐतिहासिक औसत के लगभग बराबर है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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