नई दिल्ली। 74 साल के हो चुके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के कार्यकाल को मोदी सरकार ने एक बार फिर 5 साल के लिए बढ़ा दिया। इतना ही नहीं उनका प्रमोशन कर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दे दिया।

अब इस नियुक्ति पर भारतीय जनता पार्टी के बागी और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि अजीत डोभाल पहले ही 74 की उम्र पार कर चुके हैं, ऐसे में फिर भी उन्हें कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया गया है।

सिन्हा ने मंगलवार सुबह ट्वीट किया कि- अजीत डोभाल 74 साल के हो गए हैं। फिर उन्हें पांच साल के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना दिया गया है। इतना ही नहीं अब उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया है। शायद, जो नियम सांसदों और मंत्रियों के लिए लागू होता है वह कैबिनेट रैंक के लिए लागू नहीं होता है।

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यशवंत सिन्हा ने कहा कि लगता है मैं हर सर्वे का सरताज हूं। इस दौरान उन्होंने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को लेकर भी लिखा कि मुझे उन पर तरस आता है।

यशवंत के सवाल के क्या हैं मायने:

सिन्हा ने इस ट्वीट के जरिए भारतीय जनता पार्टी के उस नियम पर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसमें 75+ के नेताओं को टिकट ना देने की बात कही जाती रही है।

इसी के तहत इस बार बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और सुमित्रा महाजन जैसे वरिष्ठ नेताओं का टिकट काट दिया था। मोदी-शाह की जोड़ी जबसे सत्ता में आई है तभी से उन्होंने 75+ के नेताओं की मंत्री बनाने पर रोक लगाने की नीति भी बनाई।

सोमवार को मोदी सरकार ने फैसला करते हुए अजीत डोभाल के कार्यकाल को आगे बढ़ाया और अगले पांच साल के लिए उन्हें ही एनएसए बनाए रखे जाने पर मुहर लगा दी। अजीत डोभाल के पद पर रहते हुए ही भारत ने पाकिस्तान में घुसकर एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक की थी।

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यशवंत का इशारा:

ये कहने को तो एक ट्वीट भर है, मगर इसका इशारा काफी दूर का है। यशवंत सिन्हा ने सीधे इशारा प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी पर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उम्र इस वक्त 69 साल तो वहीं अमित शाह की उम्र 55 साल है। प्रधानमंत्री 2025 में इस दायरे में आ जाएंगे तो वहीं अमित शाह को इस नियम के दायरे में आने में 20 वर्ष लगेंगे। फिर भी सवाल तो आखिर सवाल हैं न?

 

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