टेरर फंडिंग: ईडी ने जब्त की अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद की 2 करोड़ की संपत्ति

जम्मू-कश्मीर। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी आखिरकार हरकत में आए। उन्होंने टेरर फंडिंग के मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह की 2 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियां जब्त कर लीं। बताया जा रहा है कि अलगाववादी नेता शाह की ये संपत्तियां उनकी पत्नी और बेटी के नाम पर थीं। ईडी ने शब्बीर शाह की इफंडी बाग, रावलपोरा और श्रीनगर स्थित संपत्तियों को जब्त किया है। ये सभी संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जब्त की गई हैं। साल 1999 में इनकी संपत्तियों की कीमत तकरीबन 25 लाख रुपए थी।  

क्या था इसके काम करने का तरीका:

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह अपने साथी मोहम्मद के साथ अवैध गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल रहा है। ईडी ने दावा किया है कि शब्बीर अहमद शाह प्रतिबंधित संगठन आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद‘ के सक्रिय कार्यकर्ता असलम वानी के जरिए पाकिस्तान स्थित हमदर्दों के द्वारा श्रीनगर में हवाला आॅपरेटरों के जरिए भेजे गए पैसे को इकट्ठा करता है।

आय का कोई स्रोत नहीं: शब्बीर

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की। शब्बीर शाह ने स्वीकार किया कि उसके पास आय का कोई स्रोत नहीं है। साथ ही वह पूछताछ में अपने खर्चों के लिए पैसे के किसी भी वैध स्रोत के बारे में भी बता नहीं पाया। जांच से यह भी पता चला कि शब्बीर अहमद शाह पाकिस्तान की सरजमीं से चलने वाले आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद के संपर्क में था।   जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने पाया कि शब्बीर अहमद शाह को जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसे मिले थे और संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से विभिन्न संपत्तियों का अधिग्रहण किया था। जिन संपत्तियों को जब्त किया गया है, वो श्रीनगर के पॉश इलाके इंफदी बाग और रावलपोरा में स्थित हैं। ये संपत्तियां शब्बीर अहमद शाह की पत्नी और बेटियों के नाम पर है।

कागजों में क्या दिखाया गया:

ईडी ने कहा, यह दिखाया गया था कि यह संपत्ति 2005 में उसकी भाभी द्वारा उसकी पत्नी और बेटियों को उपहार में दी गई थी, जो 1999 में उसके ससुर द्वारा उनके नाम पर खरीदी गई थी। हालांकि, बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद उनके ससुर और भाभी इस संपत्ति खरीद के लिए पैसे का स्रोत बता पाने में नाकाम रहे। फिलहाल इस मामले में तफ्तीश जारी है।   Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें  Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।
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