लोकतांत्रिक पर्व की सुरक्षा में जुटे पूर्व नक्सली

जगदलपुर। बस्तर के नक्सली हृदयस्थल माने जानेवाले क्षेत्रों में इस बार जहां नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था, वहां आत्मसमर्पित नक्सलियों ने सुरक्षा की दूसरी पंक्ति बनकर न सिर्फ खुद वोट डाले, बल्कि लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित भी किया। इनमें बहुत से आत्मसमर्पण कर चुके पुारुष और महिला नक्सलियों की भारी संख्या देखने को मिली। इन लोगों ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने में अपनी अहम भूमिका निभाकर इस बात का सबूत दिया है कि वह सामाजिक मुख्य धारा से पूरी तरह जुड़ चुके हैं। उन्होंने आज पहली बार बस्तर संसदीय क्षेत्र में मतदान भी किया।

तिमनार में सन्नू ने पत्नी के साथ डाला वोट

बीजापुर नेशनल पार्क एरिया के प्लाटून कमाण्डर रह चुके आठ लाख के इनामी सन्नू कर्मा ने अपनी पत्नी आयती के साथ पिछले दिनों आत्मसमर्पण किया था। सन्नू तिमनार गांव का रहने वाला है, जिसके आसपास गांवों में कभी मतदान नहीं हुआ। नक्सलियों का साथ देते हुए वह खुद ग्रामीणों को वोट नहीं डालने की धमकी दिया करता था। वहीं, हथियार डालने के बाद चुनाव और विकास की अहमियत को सन्नू समझने लगा है। उसने सरकार बनाने के लिए पहली बार अपनी पत्नी के साथ मतदान केन्द्र में पहुंचकर मतदान किया। उसने अपने चुनाव बूथ में वोट डालने के बाद बाहर आकर पत्रकारों से बताया, ‘पहले हम लोगों को धमकी दिया करते थे कि मतदान के बाद उंगलियों पर स्याही के निशान दिखे तो उंगली काट दी जाएगी, लेकिन अआज वहीं निशान मेरी उंगलियों पर है।

सात लाख की इनामी नक्सली रही सुंदरी ने पति के साथ डाला वोट

नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्सली संगठन में सक्रिय रह कर काम करने वाली सात लाख की नामी नक्सली सुंदरी ने अपने पति के साथ आत्म समर्पण किया और आज पहली बार उसने वोट डाला। सुंदरी बताती है कि वह नक्सली टीम में डॉक्टर की भूमिका में रही। सुकमा जिले में चुनाव के दौरान बहिष्कार करने की धमकी देकर लोगों को वोट डालने के लिए मना करने वाली सुंदरी की सोच में आए बदलाव का ही असर है कि आज वह कोंटा एरिया कमेटी पूर्व नक्सली कमाण्डर और अब अपने पति अर्जुन के साथ मतदान केंद्र पहुंची और दोनों ने अपना—अपना वोट डाला। यही नहीं, लोकल गोरिल्ला स्क्वॉड के कमाण्डर रहे वेट्टी रामा ने भी आज इन दोनों के सासथ लोकतंत्र के त्यौहार की सुरक्षा का जिम्मा अपने कंधों में लिया। चुनाव के दौरान मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की और खुद भी पहली बार अपना वोट डाला।

आठ लाख का इनामी नक्सली रह चुका है अर्जुन

विदित हो कि वर्ष 2001 से सक्रिय आठ लाख का इनामी नक्सली अर्जुन पुलिस के सामने आत्म समर्पण किया था। उसके साथ गुरिल्ला स्क्वॉड का कमाण्डर वेट्टी रामा ने भी आत्म समर्पण किया था। आज मतदान केन्द्र पर दोनों अत्याधुनिक हथियार के साथ सुरक्षा के इंतजाम में लगे हुए थे।
बस्तर जिले के कोलेंग क्षेत्र में पांच आत्म समर्पित नक्सलियों ने आज पहली बार मतदान किया। इन अतिसंवेदनशील इलाकों में आवागमन के साधन तक नहीं हैं। पूर्व नक्सली कोसा रामा ने बताया कि आज उसने पहली बार मतदान किया।

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