दंतेवाड़ा। मंगलवार को आईईडी विस्फोट में हुई भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या की जिम्मेदारी नक्सली नेता साईंनाथ ने ली है। माओवादी नेता ने एक पर्चा जारी कर ये जिम्मेदारी ली। उसके बाद पर्चे में उसने आरोप लगाए कि उनके तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ताओं को अर्बन नक्सली बताकर प्रताड़ित किया जा रहा है। नक्सली पर्चे में उनके कमांडर्स पाली, विज्जे, सुक्की, ज्योति और मीटू के मारे जाने का भी जिक्र किया गया है। तो वहीं अडाणी को जमीन दिए जाने का विरोध भी किया गया है।

जवानों के हथियार लूटने की बात का भी जिक्र:

साईंनाथ ने भाजपा सरकार को हिंदू राष्ट्र का पक्षधर होने और भीमा मंडावी को कट्टर हिंदू नेता बताया है। उसने आरोप लगाया कि आरएसएस के हिंदू राष्ट्र बनाने के एजेंडे के चलते ही दलितों, मुस्लिमों, आदिवासियों की हत्याएं हो रही हैं और महिलाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। दरभा कमेटी ने जवानों के हथियार लूटे जाने की भी बात स्वीकार की है।

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हत्या का बताया ये कारण:

साईंनाथ ने पर्चे में कहा कि इन्हीं विरोधों और कमांडरों के एनकाउंटर का प्रतिनिधित्व भीमा मंडावी के करने के चलते श्यामगिरी ब्लास्ट किया गया। पर्चे में अडानी को बैलाडीला का 13 नंबर प्लांट देने का विरोध भी किया गया है। साथ ही सीआरपीएफ हटाने, डीआरजी व स्पेशल फोर्स भंग करने की मांग भी की गई है।

झीरम हत्याकांड में भी दरभा डिवीजन का हाथ:

भाजपा विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर हमला कर उनकी हत्या की जिम्मेदारी लेने वाली नक्सली दरभा डिवीजन कमेटी ने ही छह साल पहले 25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेसी काफिले पर हमला किया था। उस हमले में 29 लोगों की हत्या की थी। इसमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, तत्कालीन पीसीसी चीफ नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार समेत 29 कांग्रेसियों की हत्या हुई थी। कहा तो ये भी जा रहा है कि भीमा मंडावी की हत्या को अंजाम देने के लिए नक्सलियों ने अपने कई बड़े नेताओं को यहां बुलाया था। वारदात के वक्त भी वे उसी इलाके में मौजूद थे। उसके बार फरार हो गए।

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