रायपुर। संगीत नाटक अकादमी द्वारा सम्मानित पेशे से शिक्षक और छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के पुरोधा खुमान साव का आज निधन हो गया। छत्तीसगढ़ अंचल के सुप्रसिद्ध संगीतकार चंदैनी गोंदा के संस्थापक खुमान साव 90 वर्ष के थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका निधन उनके गृह ग्राम ठेकुआ में सुबह 5 बजे हुआ।

दुनिया में फैलाया छत्तीसगढ़ी संगीत:

खुमान साव ने छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत को देश-दुनिया में बिखेरा है। उन्हें लोककला-जगत के पुरोधा कहे जाते हैं। संगीत के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया था। आज उनके निधन से कला-जगत में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, संस्कृत मंत्री ताम्रध्वज साहू समेत तमाम मंत्रियों ने खुमान साव के निधन पर विन्रम श्रद्धांजलि अर्पित की है।

सीएम ने ट्वीट कर जताया शोक:

छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के पुरोधा खुमान साव का निधन मन व्यथित कर रहा है। उनका जाना राज्य की अपूरणीय क्षति है।
संगीत नाटक अकादमी द्वारा सम्मानित खुमान साव “चंदैनी गोंदा” के माध्यम से लोक गीत एवं संगीत को सहेजने-संवारने में लगे रहे। वे हमारी यादों में बने रहेंगे।

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