रायपुर। शनिवार को विधानसभा थाना क्षेत्र के सुड्डू से 26 बाल मजदूरों को रेस्क्यू किया गया है। इन बच्चों से यहां की पारले कंपनी में बिस्कुट बनाने का काम लिया जा रहा था। ये कार्रवाई कलेक्टर एस. भारतीदासन के निर्देश पर की गई है।

इसको बाल सुरक्षा टॉस्कफोर्स ने अंजाम दिया। बाल मजदूरों को रेस्क्यू कराकर बाल सुरक्षागृह भेज दिया गया है। अब फैक्ट्री संचालक पर नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। टास्क फोर्स के सदस्य कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस की मदद ले सकते हैं।

क्या है पूरा मामला:

मिली जानकारी के मुताबिक बिस्कुट फैक्ट्री में बाल मजदूरी कराने की शिकायतें लगातार कलेक्टर को मिल रही थीं। इसके बाद कलेक्टर ने टीम को वहां भेजा और वहां से बच्चों का रेस्क्यू कराया। कलेक्टर के आदेश पर ही टास्क फोर्स गठित की गई, और 26 बच्चों को रेस्क्यू कराया गया।

नए कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई:

रायपुर में नए कलेक्टर एस भारतीदासन ने हाल ही में रायपुर कलेक्टर का कार्यभार संभाला है। उनकी ज्वाइनिंग के बाद ये बड़ी कार्रवाई हुई है।

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जिम्मेदारों पर दर्ज होगी एफआईआर:

इस मामले में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नवनीत स्वर्णकार ने कहा कि चाइल्ड लाइन, बाल संरक्षण विभाग व एनजीओ व पुलिस के सदस्यों को मिलाकर एक टास्क फोर्स बनाया गया। कलेक्टर के निर्देश पर ही टास्क फोर्स ने काम शुरू किया।

शिकायत मिलने पर दबिश देकर बाल मजदूरों को छुड़ाया गया है। बच्चों को सही स्थान पर सुरक्षित रखा गया है। इसके बाद अब आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद इसकी जांच शुरू होगी।

क्या कहते हैं फैक्ट्री के मालिक:

इस मामले में मैं कुछ भी नहीं बोल सकता।

विमल खेतान

आनर

पारले कंपनी रायपुर।

 

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