रायपुर। सड्डू की पारले जी कारखाने में बिस्कुट बना रहे 26 बच्चों को वहां से बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में रेस्क्यू किया गया। तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी पुलिस के हाथ खाली के खाली हैं। उधर सरकारी महकमें के लोग भी जांच का भरोसा दे रहे हैं।

तो वहीं शासन और सत्ता के गलियारों में रसूख रखने वाले कंपनी के मालिक भी खुद को बचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे होंगे। बताया तो यहां तक जा रहा है कि उनके कुछ आला अधिकारियों से गहरे संबंध हैं। लोग तो ये भी आशंका जता रहे हैं कि कहीं प्रशासन इस मामले को दबाने में तो नहीं लगा?

क्या कहते हैं जिम्मेदार:

विधानसभा थाने के एसआई सुंदरलाल का कहना है कि मामले की जांच खुद टीआई अश्वनी सिंह राठौर कर रहे हैं। वे इन दिनों शहर से बाहर गए हुए हैं। जैसे ही वे आएंगे जांच की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।

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हमने मंगवाई है रिपोर्ट: प्रभा दुबे

छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है। हमने आज ही श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले की जांच रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा है।

जैसे ही जांच रिपोर्ट आएगी, जिम्मेदारों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उधर कार्रवाई वाले दिन रायपुर के कलेक्टर ने भी कार्रवाई का भरोसा दिया था।

ऐसे में देखना अब ये होगा कि क्या उन बेसहारा गरीब बच्चों को न्याय मिल पाता है या फिर उनको कानून के भाषाई पेंच में फंसाकर यूं ही छोड़ दिया जाएगा और फिर सब कुछ सामान्य हो जाएगा। दरअसल देर होती देखकर लोग यही सवाल करने लगे हैं कि कहीं पारले जी को बचाने में तो नहीं लगा है प्रशासन?

 

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