रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा ( Chhattisgarh Assembly Monsoon Session ) में गुरूवार को अंडे को लेकर फिर बवाल हो गया। भाजपा सदस्यों ने शून्यकाल के दौरान स्कूलों में मध्यान्ह भोजन ( Mid day Meal in school ) के दौरान स्कूलों में अंडा ( Egg ) बांटे जाने का मुद्दा उठाया। विपक्ष मिड डे मिल में अंडा ( Eggs in Mid day meal ) को शामिल किए जाने के मसले पर स्थगन प्रस्ताव पेश करना चाह रहा था, लेकिन सत्तापक्ष की ओर से इतनी बार बातें आईं कि विपक्ष अपनी बात ही नहीं रख पाया।

रोका जा रहा है मुर्गी पालकों को

विधानसभा (  Chhattisgarh Assembly ) सदन में अंडे पर मचे घमासान के बीच मंत्री कवासी लखमा ( Kawasi Lakhma ) ने आरोप लगाया कि हम मुर्गी पालने और खाने वालों को रोका जा रहा है। बृजमोहन अग्रवाल ( Brijmohan Agrawal ) ने कहा कि शाकाहारी पालकों को लगता है कि उनके बच्चों को अंडे की आदत लगाई जा रही है। जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके साथ ही भाजपा विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकार के मध्यान्ह भोजन के मेन्यू में अंडा शामिल था। कवासी लखमा ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल 15 साल तक मुर्गी पालन और मछली पालन मंत्री रहें, उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया था।

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कहिए तो मौन हो जाते हैं, चला लीजिए फिर सदन

बृजमोहन अग्रवाल ( Former Minister  Brijmohan Agrawal ) ने सत्ता पक्ष की ओर से आ रही लगातार टोकाटोकी को लोकतंत्र की हत्या करार दे दिया।  उन्होंने कहा, कहिए तो मौन हो जाते हैं। चला लीजिए फिर सदन। नाराज विपक्ष ने इसके बाद कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया। शिवरतन शर्मा और बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, पूरे प्रदेश में अराजकता की स्थिति है। लोग धरना दे रहे हैं, चक्काजाम कर रहे हैं। बृजमोहन अग्रवाल बोले पूरा प्रदेश उद्वेलित है, सभी समाज नाराज हैं। 80% लोगों को मांसाहारी बताने की कोशिश की जा रही है। अंडा वितरण के मामले पर स्थगन प्रस्ताव को ग्राह्य कर चर्चा कराए जाने की मांग पर विपक्ष अड़ गया। चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थान पर खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया।

विधानसभा सत्र में अंडे को लेकर अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिए जाने को लेकर विपक्ष बिफर गया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ( Dharamlal Kaushik ) को अपनी बात रखने नहीं देने पर जमकर बवाल हो गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष को बोलने ही नहीं देना सही नहीं है। इस दौरान जनता कांग्रेस सदस्य धर्मजीत सिंह और आबकारी मंत्री कवासी लखमा के बीच तीखी बहस भी हो गई। विपक्ष और सत्तापक्ष ने अपने अपने स्थान पर खड़े होकर एक दूसरे के खिलाफ की जमकर नारेबाजी करने लगे। इसी के साथ ही सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

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