रायपुर। भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोपी अधिकारी को बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री से मिलना भाजपा के चरित्र को उजागर करता है। इससे बेहतर होता कि प्रदेश के भाजपा सांसद कुपोषण (Malnutrition) की समस्या या राज्य की किसी अन्य समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात किए होते। यह बातें मीडया विभाग के चेयरमैन शैलेश नितिन त्रिवेदी और प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही।

कांग्रेस ने राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग के पूर्व आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा (Former Commissioner Ganesh Shankar Mishra) मामले में प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि भाजपा सांसदों का केंद्रीय मंत्री से मिला बेहद दुर्भाग्य जनक और शर्मनाक है। गिरीश देवांगन ने कहा भाजपा सांसद भ्रष्ट अधिकारी के एजेंट बन गए हैं। उन्होंने कहा कि गणेश शंकर मिश्रा के खिलाफ रेडियस वाटर मामले में भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। उनका इस पद पर बने रहना उचित नहीं है। इस वजह से राज्य सरकार ने उन्हें हटाने का निर्णय लिया था। भाजपा के सांसदों ने केंद्रीय सहकारिता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Cooperative Minister Narendra Singh Tomar) से सहकारिता आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा (Ganesh Shankar Mishra) को हटाए जाने पर राज्य सरकार की शिकायत की थी।

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राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग आयुक्त गणेश शंकर मिश्रा (State Cooperative Election Commission Commissioner Ganesh Shankar Mishra) को हटाने को लेकर सियासी खींचतान बढ़ गयी है। सोमवार को जहां केंद्रीय सहकारिता मंत्री नरेंद्र तोमर को भाजपा सांसदों ने पत्र सौंपकर इस पूरे मामले की शिकायत की, तो वहीं अब कांग्रेस (Congress) ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर कहा है कि भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद उन्हें हटाने का निर्णेय सरकार ने लिया। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही जीएस मिश्रा को हटाकर मनोज पिंगुआ को एडिश्नल चार्ज दिया गया था।

 

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