नई दिल्ली। भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Former President Pranab Mukherjee) को 8 अगस्त को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न (Bharat Ratna) से सम्मानित किया जाएगा। इसकी घोषणा राष्ट्रपति भवन (President’s House) से की गई है। उनके अलावा यह पुरस्कार मरणोपरांत(Posthumously) सामाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख (Social worker Nanaji Deshmukh) और असम के  प्रख्यात गायक भूपेन हजारिका (Noted singer Bhupen Hazarika) को भी दिया जाएगा। तीनों को जनवरी 2019 में इस सम्मान के लिए चुना गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ट्वीट:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने ट्वीट कर पूर्व राष्ट्रपति  प्रणब मुखर्जी (Former President Pranab Mukherjee) को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं। उन्होंने दशकों तक देश की निस्वार्थ और अथक सेवा की है और देश के विकास पथ पर एक मजबूत छाप छोड़ा है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि प्रणब दा को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।’

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कांग्रेस पार्टी को गर्व है: राहुल गांधी
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस मौके पर कहा कि ‘प्रणब दा को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर बधाई! कांग्रेस पार्टी को इस बात पर बहुत गर्व है कि हमारे स्वयं के लोगों की सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र-निर्माण में अपार योगदान को मान्यता मिली है और सम्मानित किया गया है।’

अब तक दिए गए कुल 48 भारत रत्न:
सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अब तक 45 हस्तियों को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। 25 जनवरी 2019 को इसकी घोषणा के बाद यह संख्या 48 हो गई है। अंतिम बार यह सम्मान साल 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय (मरणोपरांत) को दिया गया था।

नानाजी देशमुख:
नानाजी देशमुख(Social worker Nanaji Deshmukh) पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे। 1977 में जब जनता पार्टी की सरकार बनी, तब उन्होंने मंत्री बनने से इन्कार कर दिया था। वह जीवनभर दीनदयाल शोध संस्थान के लिए कार्य करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था। वाजपेयी सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया था।

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भूपेन हजारिका :
भूपेन हजारिका  (Noted singer Bhupen Hazarika) को पूर्वोत्तर और खासकर गृह प्रदेश असम में प्रचंड समर्थन है। लोगों के दिलों में उनके लिए इतनी श्रद्धा है कि असम की राजधानी गुवाहाटी में उनकी याद में मंदिर भी है। ऐसे में चाहे-अनचाहे हजारिका के सम्मान को भी राजनीतिक आईने से देखा जाएगा। हजारिका ने असमिया के साथ-साथ हिंदी, बांग्ला समेत कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए।

12 लोगों को मिला मरणोपरांत :
शुरुआत में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन बाद में साल 1955 में यह प्रावधान जोड़ा गया। इसके बाद मरणोपरांत भी भारत रत्न देने का रास्ता खुला। अब तक 12 लोगों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया है। हालांकि, सुभाषचन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरांत मरणोपरांत सम्मान पाने वालों की संख्या 11 मानी जा सकती है।

फीका हो सकता है कार्यक्रम का रंग:
सुषमा स्वराज का बुधवार को ही अंतिम संस्कार हुआ है। ऐसे में राष्टÑपति भवन में होने वाला यह कार्यक्रम कुछ हद तक फीका हो सकता है। एक कद्दावर नेता खोने के गम से अभी दिल्ली की सियासत इतनी जल्दी उबर नहीं पाएगी। थोड़ा अरसा तो लगेगा ही।

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