बिलासपुर। हाईकोर्ट (High Court) द्वारा झीरम घाटी हत्याकांड (Jhiram Valley Massacre) की एनआईए जांच (NIA investigation) को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई की गई। चीफ जस्टिस की बेंच ने सुनवाई करने के बाद केंद्र, एनआईए (NIA), केंद्र और राज्य सरकार (State government) को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) हत्याकांड को लेकर लगाई गई याचिका के साथ होगी।

चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन की बेंच ने विवेक बाजपेयी और दौलत रोहड़ा की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा था कि एनआईए (NIA) अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम कर रहा और केस वापस नहीं कर रहा है। याचिका में कहा गया कि गणपति और रमंन्न जैसे बड़े नक्सली लीडर का नाम था, लेकिन एनआईए द्वारा जब न्यायालय में चार्जशीट पेश किया गया तो दोनों बड़े नक्सली लीडर के नाम ही गायब थे।

25 मई 2013 को झीरम घाटी (Jhiram Ghati) हत्याकांड में 30 से ज्यादा लोगों की नक्सलियों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जो छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के इतिहास का काला दिन है। इस मामले में तत्कालीन सरकार ने 2016 में सीबीआई (CBI) जांच की मांग की थी। मगर केंद्र सरकार ने इंकार कर दिया था। तत्कालीन सरकार ने इसकी जानकारी विपक्ष को नहीं दी, इसका खुलासा नई सरकार बनने के बाद हुआ।

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