रायपुर। कांग्रेस (Congress) के नेताओं के साथ भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) का कोई भी व्यक्ति पार्टी की ओर से पक्ष रखने न किसी टीवी डिबेट में जाएगा न ही किसी संवाद में शामिल होने मंच पहुंचेंगे। भाजपा (BJP) ने अपने प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों को व्हाट्सएप पर इस संदर्भ में निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

दरअसल पिछले कुछ समय से दोनों ही राजनीतिक पार्टियों के बीच कटुता बढ़ती ही जा रही है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस (Congress Chhattisgarh) और भाजपा में उभर कर सामने आई कटुता और अब भगवान राम को लेकर भी कांग्रेस पार्टी द्वारा जिस तरह का बयान जारी किया है इसे देखते हुए प्रदेश भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस के साथ किसी भी टीवी डिबेट या अन्य संवाद में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया है।

भारतीय जनता पार्टी के आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप मे स्पष्ट लिखा गया है, “प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी (Vikram Usendi) के निर्देशानुसार अब से कांग्रेस के साथ भाजपा किसी भी टीवी डिबेट या अन्य संवाद में शामिल नही होगी।”

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पार्टी की ओर से टीवी डिबेट अथवा अन्य संवाद में पक्ष रखने वाले पैनलिस्ट और प्रवक्ता ने इस आशय के निर्देश जारी किए जाने की पुष्टि की है। बताया गया है कि निर्णय के पीछे वजह कथित तौर पर कांग्रेस के प्रतिनिधियों द्वारा अपमानित किए जाने की वो शिकायतें हैं जो डिबेट या संवाद में भाग लेकर वापस प्रवक्ताओं ने पार्टी कार्यालय में की है।