रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (Bharatiya Janata Yuva Morcha) ने छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपेंद्र कुमार मीणा से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने अपने युवाओं को कौशल विकास का अधिकार दिया है और आज इसी राज्य के युवा अपने अधिकार से वंचित हैं।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना पूरी तरह से बंद, तत्काल प्रारम्भ करें

राज्य में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना पूरी तरह से बंद है, इसे तुरंत प्रारंभ किया जाना चाहिए। जारी विज्ञप्ति के माध्यम से युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा है कि पूरे प्रदेश में 23 सौ से अधिक वीटीपी (वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोवाइडर) का पंजीयन एक साथ रद्द कर दिया गया है जिससे इन संस्थाओं से जुड़े 20,000 से अधिक युवा बेरोजगार हो गए हैं।

प्रत्येक जिले में 4 से 6 करोड रूपया इन संस्थाओं का भुगतान बाकी

विज्ञप्ति में कहा गया है की प्रत्येक जिले में 4 से 6 करोड रूपया इन संस्थाओं को भुगतान किया जाना शेष है। राज्य सरकार ने 135 करोड रुपए का प्रावधान कौशल विकास हेतु विगत बजट में किया था वह पैसा कहां है। विजय शर्मा ने कहा है कि विभाग के वेबसाइट cssda.cg.nic.in के आधार पर अब तक सिर्फ 25 वीटीपी पंजीकृत हो पाए हैं और वे सभी शासकीय लाइवलीहुड कॉलेज ही हैं।

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आर्थिक रूप से पिछड़े युवा इस योजना के माध्यम से अपना जीवन संघर्ष प्रारंभ करते हैं परंतु आज वे सभी इससे वंचित हैं नए वीटीपी के पंजीयन का मापदंड राष्ट्रीय मापदंडों से भी ऊपर रखा गया है। युवा मोर्चा ने कहा है कि हम हर अच्छे प्रयास के साथ हैं परंतु व्यवहारिकता के धरातल पर इसका परीक्षण किया जाना चाहिए।

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