रायपुर। 25 सौ रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदी  के मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार के बीच मचे घमासान में किसानों को ढाल बनाने के लिये छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने भूपेश बघेल सरकार को आड़े हाथों लिया है।

मंच के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा है कि कांग्रेस ने यह जानते हुए भी कि मोदी सरकार ने 2014 में ही धान खरीदी पर बोनस देने पर रोक लगाने, प्रति एकड़ धान खरीदी घटाकर 10 क्विंटल करने का प्रयास कर रही है।

विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र में सरकार बनने पर 25 सौ रूपये के भाव से किसानों का एक एक दाना धान अपने दम पर खरीदने का वायदा किया था धान खरीदी की मात्रा और कीमत पर केंद्र को दोषी बताकर भूपेश बघेल सरकार अपने वायदे से मुकरने की कोशिश न करे।

मंच के अध्यक्ष ने भूपेश बघेल को याद दिलाया है जिसमें उन्होंने रमन सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि पड़ौसी पालन पोषण करेंगे इस भरोसे बच्चा पैदा नहीं करते वही भूपेश बघेल सरकार अब खुद केंद्र सरकार के दम पर किसानों का धान खरीदने का प्रयास कर रही है।

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मंच के अध्यक्ष ने भूपेश बघेल सरकार पर आरोप लगाया है कि जब धान खरीदी की सरकार और किसानों की तैयारी पूरी हो गई थी तब केंद्र के खिलाफ कांग्रेस के 15 नवंबर को दिल्ली में आयोजित आंदोलन को कामयाब बनाने के लिये सरकार ने धान खरीदी को बढ़ाकर 1 दिसंबर करके लाखों किसानों को मुसीबत में डाल दिया।

सरकार द्वारा धान खरीदी के मुद्दे पर राजनीतिक दलों और किसान संगठनों की बैठक आयोजित करने को बेकार की कवायद बताते हुए मंच के अध्यक्ष ने कहा है केंद्र के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई में किसानों को राजनीतिक मोहरा बनाया जा रहा है।

 

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