रायपुर। राजधानी के नगर निगम चुनाव में जिन हाईप्रोफाइल सीटों की चर्चा सबसे ज्यादा है उनमें पूर्व

महापौर प्रमोद दुबे के वार्ड पं. भगवती चरण शुक्ल वार्ड शामिल है। इस वार्ड में भाजपा के सचिन मेघानी के

साथ जोगी कांग्रेस के राहिल रउफी की मौजूदगी बड़े उलटफेर करने वाली साबित होती दिख रही है।

 

बता दें कि सचिन मेघानी को रायपुर दक्षिण के विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के करीबियों

में गिना जाता है। अगर भाजपा ने उन्हें पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के खिलाफ मैदान में उतारा है तो तय है

कि विधायक की टीम मेघानी की जीत के लिए पूरा दमखम लगाएगी। ऐसे में पूर्व महापौर प्रमोद दुबे की

मुश्किलें बढ़ना तय है।

 

आपको याद दिला दें कि इस वार्ड में बड़ी आबादी मुस्लिम, सिंधी समाज व ओडिशावासियों की है जो चुनाव में

डिसाइडर फैक्टर की भूमिका में रहेंगे। ऐसे हालात में कांग्रेस, भाजपा और जोगी कांग्रेस के लिए इन तबकों तक

See also  छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए CM की बड़ी घोषणा, जल्द दी जाएगी धान के अंतर की राशि

अपनी पहुंच बनाना आसान नहीं होगा। बता दें कि पूर्व महापौर और वर्तमान में पं. भगवती चरण शुक्ल वार्ड के

कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद दुबे को पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने रायपुर लोकसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार

बनाया था। इस चुनाव में उन्हें अपने परपंरागत वार्ड ब्राहमण वार्ड से ही हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा

के सांसद सुनील सोनी ने उन्हें रिकार्ड मतों से हराया था। हालांकि ये अलग बात है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस

के कई चेहरों को हार का सामना करना पड़ा था।

 

पार्टी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनाम कांग्रेस को लेकर हुए थे,

ऐसे में किसी की हार को उसकी निजी हार से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। चूंकि प्रमोद दुबे रायपुर के

महापौर रहे चुके हैं इसलिए उनकी जीत सकने की संभावना ज्यादा है। मगर नगर निगम पार्षद चुनाव में वार्ड

स्तर पर जो सियासी समीकरण बन रहे हैं उसमें प्रमोद दुबे की जीत पर पेंज फंसता नजर आ रहा है। इस वार्ड

See also  जंगल सफारी की 'बिजली' की मौत, इलाज के लिए भेजी गई थी जामनगर, वनतारा ने पोस्ट कर दी जानकारी

में कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो कांग्रेस से टिकिट के दावेदार थे। जिन्हें टिकट नहीं मिली वे पार्टी के फैसले से नाराज

बताए जा रहे हैं। इन कार्यकर्ताओं की नाराजगी कांग्रेस को भारी पड़ सकती है।

 

भाजपा को सचिन मेघानी के युवा चेहरे पर भरोसा :

बता दें पं.भगवती चरण शुक्ल वार्ड भाजपा ने सचिन मेघानी जैसे युवा चेहरे को मैदान में उतारा है, जो

भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े रहे हैं। समाज के लोगों तक उनकी सीधे पहुंच है। वहीं युवाओं की टोली चुनाव

में जीत दिलाने के लिए पूरा जोर लगाती दिख रही है। भाजपा नेताओं को मानना है कि सचिन मेघानी चुनाव

के नतीजें बदलने का दम रखते हैं। यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें पूर्व महापौर प्रमोद दुबे के खिलाफ

मैदान में उतारा है।

जोगी कांग्रेस के राहिल रउफी की दमदार मौजूदगी :

पं.भगवती चरण शुक्ल वार्ड में बैरन बाजार का बड़ा हिस्सा शामिल है। मुस्लिम बाहुल आबादी वाले

See also  गृह मंत्री साहू ने प्रवीण सोमानी अपहरणकांड को सुलझाने वाले 67 पुलिसकर्मियों का किया सम्मान

बैरन बाजार में जमात के वोटों को देखकर जोगी कांग्रेस ने राहिल रउफी को इस वार्ड से मैदान में

उतारा है। जाहिर तौर पर उन्हें समाज के वोट पर भरोसा है। यहीं वजह है कि वार्ड चुनाव में जोगी कांग्रेस

को मिलने वाले वोट से ही हार जीत के समीकरण तय होने हैं। ऐसे में जीत का सेहर किसके सर बंधेगा

इसके लिए चुनावी नतीजे आने का इंतजार करना होगा। लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव में हर किसी

को अपनी जीत का भरोसा है वहीं मतदाता अभी चुप हैं।

 

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें और Youtube  पर हमें subscribe करें। एक ही क्लिक में पढ़ें  The Rural Press की सारी खबरें।