नई दिल्ली। फेसबुक यूजर्स के डेटा लीक का एक और मामला सामने आया है। अब 26.7 करोड़ से

ज्यादा फेसबुक यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशन डॉर्क वेब पर एक असुरक्षित डेटाबेस में उजागर हुई हैं।

साइबर सिक्यॉरिटी फर्म कम्पेरीटेक और रिसर्चर बॉब डियाचेंको के मुताबिक 267,140,436 फेसबुक

यूजर्स की आईडी, फोन नंबर और पूरे नाम एक डेटाबेस में पाए गए हैं। रिपोर्ट में चेताया गया है कि

डेटाबेस में जिन लोगों का नाम है, उनको स्पैम मेसेज या फिशिंग स्कीम्स से टारगेट किया जा सकता है।

क्लीयर नहीं, कितनी संवेदनशील इंफॉर्मेशन हुई उजागर

हालांकि, अभी यह क्लीयर नहीं है कि कितनी संवेदनशील इंफॉर्मेशन उजागर हुई है। डियाचेंको का अनुमान

है कि फेसबुक यूजर्स की पर्सनल इंफॉर्मेशंस को स्क्रैपिंग की अवैध प्रक्रिया के जरिए इक_ किया गया होगा।

इस प्रक्रिया में ऑटोमेटेड बॉट्स फेसबुक प्रोफाइल्स से पब्लिक इंफॉर्मेशन कॉपी करते हैं या सीधे फेसबुक के

डिवेलपर एपीआई से इंफॉर्मेशन चोरी कर लेते हैं। कम्पेरीटेक वेबसाइट की ब्लॉग पोस्ट के मुताबिक, डेटाबेस

See also  आईएएस हेमंत पहारे पर सरकार हुई मेहरबान, रिटायरमेंट के चंद घंटे पहले दी एक साल की संविदा नियुक्ति

पिछले हफ्ते एक ऑनलाइन हैकर फोरम पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया गया था। इस ऑनलाइन हैकर

फोरम का नाता एक क्राइम ग्रुप से है।

कोई भी देख सकता था फेसबुक यूजर्स की इंफॉर्मेशन

इस बीच, फेसबुक ने कहा है कि वह उस रिपोर्ट की पड़ताल कर रहा है, जिसमें कहा गया है कि 26.7 करोड़ से

ज्यादा फेसबुक यूजर्स के नाम, फोन नंबर और आईडी को ऑनलाइन उजागर किया गया। हालांकि, अब डेटाबेस

तक एक्सेस को हटा दिया गया है। फेसबुक यूजर्स के रिकॉर्ड दो हफ्तों तक उपलब्ध थे और इस इंफॉर्मेशन तक

पहुंच बनाने के लिए कोई पासवर्ड भी जरूरी नहीं था। इससे पहले, सितंबर में 40 करोड़ से ज्यादा फेसबुक यूजर्स के

फोन नंबर्स उजागर हुए थे।

मामले की पड़ताल कर रहा है फेसबुक

फेसबुक प्रवक्ता ने कहा है कि हम इस मामले की पड़ताल कर रहे हैं, लेकिन हमारा मानना है कि हो सकता है इस

See also  सेलिब्रिटी आमिर खान का हाउस स्टाफ निकला कोरोना पॉजिटिव, ऐक्टर ने फैन्स से मां के लिए दुआ करने की अपील की है

इंफॉर्मेशन को हमारी तरफ से किए गए बदलावों के पहले ही हासिल कर लिया गया हो। डियाचेंको ने दिसंबर में इस

डेटाबेस का पता लगाया था और तुरंत ही इसकी रिपोर्ट आईपी एड्रेस मैनेज करने वाले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर

को दी, क्योंकि उन्हें शक हुआ है कि इस डेटाबेस का नाता किसी क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन से हो सकता है।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।