रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों और दलित-आदिवासियों से जुड़े 25 से ज्यादा संगठनों ने बुधवार को ग्रामीण भारत बंद का आह्वान

किया। इसी के तहत राजधानी रायपुर में भी भारत बंद का असर देखने को मिला। कहीं दुकानें खुली रही तो कहीं पर बंद दिखी।

आम दिन की तरह मजदूर भी काम में नहीं निकले। सब्जी मंडी और कृषि मंडी भी बंद रहे। पूरा दिन सरकारी कामकाज ठप रहा।

रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन ने भारत बंद को समर्थन दिया है। राजधानी में सैकड़ों कर्मचारी भारतीय जीवन बीमा

निगम कार्यालय परिसर में कामकाज बंद कर धरने पर बैठे रहे। साथ ही डाक विभाग में भी सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी कामकाज

ठप कर हड़ताल पर बैठे रहे। सभी कर्मचारी संगठन केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी तरह भारत बंद के अखिल भारतीय मज़दूर किसान संघ के आह्वान को संघर्ष समन्वय समिति और भूमि अधिकार आंदोलन सहित

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अनेक साझे मंचों से जुड़े देश के 228 किसान संगठनों बंद को समर्थन दिया है।

छत्तीसगढ़ किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष संजय पराते और किसान संगठनों के साझे मोर्चे से जुड़े विज ने बताया कि ग्रामीण भारत बंद

की मुख्य मांगों में मोदी सरकार द्वारा खेती और कृषि उत्पादन तथा विपणन में देशी-विदेशी कारपोरेट कंपनियों की घुसपैठ का विरोध,

किसान आत्महत्याओं की जिम्मेदार नीतियों की वापसी, खाद-बीज-कीटनाशकों के क्षेत्र में मिलावट, मुनाफाखोरी और ठगी तथा उपज के

लाभकारी दामों से जुडी स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर अमल की मांगे शामिल हैं।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से किसानों को मासिक पेंशन देने, कानून बनाकर किसानों को कर्जमुक्त करने, पिछले दो वर्षों का

बकाया बोनस देने और धान के काटे गए रकबे को पुन: जोडऩे, फसल बीमा में नुकसानी का आंकलन व्यक्तिगत आधार पर करने, विकास

के नाम पर किसानों की जमीन छीनकर उन्हें विस्थापित करने पर रोक लगाने और अनुपयोगी पड़ी अधिग्रहित जमीन को वापस करने,

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वनाधिकार कानून, पेसा और 5वीं अनुसूची के प्रावधानों को लागू करने, मनरेगा में हर परिवार को 250 दिन काम और 600 रुपये रोजी

देने, मंडियों में समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने, सोसाइटियों में किसानों को लूटे जाने पर रोक लगाने, जल-जंगल-जमीन के मुद्दे हल करने

और सारकेगुड़ा कांड के दोषियों पर हत्या का मुकदमा कायम करने की मांग कर रहे है। इसके अवाला किसान संगठनों की और

भी कई मांगे शामिल हैं।

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