नई दिल्ली। सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने शनिवार को बड़ा बयान दिया है। आर्मी चीफ ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि पीओके भारत का हिस्सा बन सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका फैसला केंद्र सरकार को ही लेना है। पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों के सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा कि किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। एलओसी पर पाकिस्तान की साजिश पर आर्मी चीफ ने कहा कि इंटेलिजेंस इनपुट और सेना की तत्परता के जरिए हम पाक की साजिशों को ध्वस्त करने में कामयाब हो रहे हैं।

पीओके पर सेना को सरकार के आदेश का इंतजार

पीओके को भारत का हिस्सा बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह संसद में बयान दे चुके हैं। इससे संबंधित सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा, ‘संसदीय प्रतिज्ञा के अनुसार जम्मू-कश्मीर अखंड भारत का हिस्सा है। अगर संसद यह चाहती है कि क्षेत्र (पीओके) भी हमारे क्षेत्र में शामिल हो। इससे संबंधित आदेश जब भी आएगा, हम उचित कार्रवाई के लिए तैयार हैं।

कश्मीर पर सेना ने अच्छा काम किया है

आर्टिकल 370 खत्म किए जाने के सवाल पर सेना प्रमुख ने कहा कि कश्मीर में हालात अच्छे हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि कश्मीर के हालात पर बहुत अच्छा काम किया है चाहे एलओसी पर हो या घाटी में। लोगों का भी पूरा समर्थन हमें इस दौरान मिला है। हमें स्थानीय प्रशासन और वहां की पुलिस का समर्थन भी रहा। कई बार ड्यूटी के वक्त तुरंत फैसले लेने होते हैं तब कमांडर को कॉल लेनी होती है, उसका सम्मान होना चाहिए।

See also  राज्यसभा चुनाव में सभी 10 प्रत्याशी निर्विरोध , बदल गया राज्यसभा का गणित BJP प​हली बार इतनी मजबूत

दो मोर्चों पर जंग की तैयारी, री-बैलेंसिंग जरूरी

आर्मी चीफ ने कहा कि पश्चिमी सीमाओं पर हमें सबसे ज्यादा खतरा है, इसलिए आर्मी की एक यूनिट को वहां छह अपाचे हेलिकॉप्टर मिलेंगे। सियाचिन हमारे लिए महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र हमारे लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। दो मोर्चों पर जंग को लेकर दो तरह की तैयारियां हैं। पहला- ऐसा होने पर प्राथमिक तौर पर हम बड़ी तादाद में बलों की तैनाती करेंगे।

दूसरा- हम ऐसी स्थिति में पीछे नजर नहीं आएंगे। हालांकि, भारत-चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन प्रस्तावित है। जल्द ही भारत के सैन्य ऑपरेशंस के महानिदेशक और चीन की पश्चिमी कमान के बीच हॉटलाइन शुरू होगी। इसी के साथ-साथ पाकिस्तान और चीन सीमा पर बलों की तैनाती को लेकर री-बैलेंसिंग जरूरी है।देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमा पर समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है। जहां तक भारतीय सेना का संबंध है, हमारे लिए कम समय का खतरा उग्रवादियों के खिलाफ अभियान चलाना है और लंबे समय का खतरा पारंपरिक युद्ध है। हम इसी तैयारी में जुटे हैं।

See also  Gold Silver Price Crash Today: सोना खरीदने वालों की निकल पड़ी, ऑल टाइम हाई से ₹45,000 सस्ता हुआ गोल्ड, चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट

 

एलओसी पर पाकिस्तान की साजिश हो रही नाकामयाब

एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से मिल रहे खतरे पर आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि एलओसी पर हम सक्रिय हैं। प्रतिदिन हमें इंटेलिजेंस इनपुट मिल रहे हैं और हम गंभीरता से उसे लेते हैं। इन सभी इनपुट और सतर्कता के कारण हम पाकिस्तान की ओर से होने वाले बैट ऐक्शन को ध्वस्त करने में कामयाब हुए हैं।

सेना के पुनर्गठन पर काम चल रहा

सेना के मूलभूत संरचना में सुधार पर जोर देते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि हम पुनर्गठन कर रहे हैं। चार स्टडी हुई और सब अभी अलग-अलग स्टेज में हैं। आर्मी हेडक्वार्टर रिस्ट्रक्चरिंग पर एक स्टडी थी। इसे सरकार को दे दिया है अब औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। ये दूसरी स्टडी – इंटिग्रेटेड बैटल ग्रुप की है ताकि ज्यादा बैटल रेडी बने आर्मी। हमने इसे कई वॉर गेम में डिस्कस किया।

See also  Big Breaking : 23 मार्च से पंजाब में शुरू होगी एंटी-करप्शन हेल्पलाइन, अब भ्रष्टाचार नहीं चलेगा : भगवंत मान

तालमेल के लिए सीडीएस जरूरी

जनरल नरवणे ने कहा कि तीनों सेनाओं के भीतर तालमेल बेहद जरूरी है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) इस क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। सेना बदलाव की प्रक्रिया में है। हम हमेशा यह तय करने की कोशिश करेंगे कि हमें बेस्ट मिले। हमारे सामने जो भी चुनौतियां आएं भविष्य में हम उनके लिए तैयार रहें। यही हमारा फोकस है।

 

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।