रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबल के जवानों पर नक्सलियों ने बड़ा हमला किया है। साल 2020 का यह सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इस हमले के बाद सुरक्षाबल के 17 जवान लापता हो गए हैं, जबकि 14 घायल हैं। घायल जवानों का इलाज रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में जारी है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा नक्सली मुठभेड़ में घायल जवानों के प्रति दु:ख जताया है। भूपेश बघेल ने नक्सली हमले के बाद ट्वीट कर लिखा कि मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। हमारे 2 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह 5 घंटे का लंबा ऑपरेशन था, जिसमें कई नक्सली नेताओं को गोली लगी है।

करीब 300 डीआरजी और एसटीएफ के जवान इस इलाके में ऑपरेशन के लिए निकले थे। बड़ी संख्या में नक्सलियों ने जवानों को घेर कर हमला कर दिया। करीब तीन घंटे तक मुठभेड़ चली। इसके बाद नक्सली वहां से भाग गए। घना जंगल और मौसम खराब होने के कारण जवानों की तलाश करने में परेशानी आ रही है। बताया जा रहा है ड्रोन की मदद से जवानों की तलाश की जा रही है।

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डीजीपी ने देर रात की सीएम से मुलाकात

सुकमा में मुठभेड़ के बाद जवानों के लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शनिवार को देर रात डीजीपी डीएम अवस्थी ने सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की। उन्होंने मुठभेड़ को लेकर सीएम को जानकारी दी। सीएम ने भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। जवानों की तलाश का सिलसिला जारी है।

हिड़मा की टीम से सामना

मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबल के जवानों को नक्सलियों के बड़े लीडर हिड़मा के कैम्प की सूचना मिली थी। इसके बाद ही जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने उनपर एंबुश लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में पुलिस ने 4 से 5 नक्सलियों के मारे जाने का भी दावा किया है। बताया जा रहा है कि नक्सली बुलेटप्रुफ जैकेट पहने थे।

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