टीआरपी डेस्क। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद रोगी को डॉक्टर की आेर से खानपान में विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है।

ताकि वो ऐसा कुछ ना खाएं जो उसकी किडनी को नुकसान पहुंचाता हो। ये सच है कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद आहार संबंधी सावधानियों का पालन किया जाएं।

अब सवाल ये है कि किस तरह की डाइट फॉलो करना किडनी रोगी के लिए फायदेमंद है।

तो इसका जवाब हाल ही में हुए एक शोध से मिलता है। शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।

कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद Mediterranean Diet फॉलो करना किडनी रोगी के लिए फायदेमंद है और यह उनके गुर्दे के कार्यों को संरक्षित करने में मदद कर सकती है।

रिसर्च में सामने आया ये नतीजा

अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के क्लिनिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार;

जिन लोगों ने किडनी प्रत्यारोपण के बाद उच्च मेडिटेरियन डाइट का पालन किया, उनमें किडनी फंक्शन लॉस की कमी देखी गई।

See also  Raipur City News: होली में हुडदंग करना पड़ेगा भारी, ड्रिंक एंड ड्राइव पर होगा एक्शन, शांति-समिति की बैठक में प्रशासन की दो टूक चेतावनी

मेडिटेरियन डाइट में एक्सट्रा वर्जिन ओलिव आॅयल, फल, सब्जियां, नट, बीज, फलियां, साबुत ग्रेन ब्रेड,

पास्ता और अनाज, मध्यम मात्रा में मछली और रेड वाइन, और कम मात्रा में लाल मांस, मीठे और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

अध्ययन के शोधकर्ता एंटोनियो गोम्स-नेटो, यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रोनिंगन, नीदरलैंड ने कहा कि कई वैज्ञानिक प्रमाणों में हृदय और गुर्दे के स्वास्थ्य बनाएं रखने के लिए मेडिटेरियन डाइट को प्रभावी माना है।

इस अध्ययन में हमें यह पता चला कि किडनी प्रत्यारोपण के बाद उच्च मेडिटेरियन डाइट का सेवन करने वाले रोगियों की किडनी बेहतर ढंग से काम कर रही थी।

632 वयस्काें के खानापान पर किया गया परीक्षण

अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने गुर्दा प्रत्यारोपण से गुजर चुके 632 वयस्काें के खानपान संबंधित प्रश्नावली काे पूरा किया, और 9-अंक स्कोर का उपयोग करके मेडिटेरियन डाइट के पालन का मूल्यांकन किया गया।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि 5.2 वर्षों के औसत फॉलो-अप के दौरान, Mediterranean Diet फाॅॅॅलाें करने वालाें राेगियाें में,

See also  Rupee Hits Historic Low : ऐतिहासिक गिरावट: पहली बार 93 के पार पहुंचा रुपया, डॉलर की मजबूती से मची खलबली; जानें आपकी जेब पर क्या होगा असर

गुर्दे के कार्य में गिरावट की 29 प्रतिशत और गुर्दे की विफलता में 32 प्रतिशत कम जोखिम देखा गया।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।