आय से अधिक संपत्ति व संविदा नियुक्ति की जांच का मामला :

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सरकार में प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मीन सिंह की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट के स्टे को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रद्द कर दिया है।

छत्तीसगढ़ शासन की अपील पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि यह मामला एक वर्ष से ज्यादा लंबित हो गया है और हाईकोर्ट जल्द से जल्द इस पर अपना अंतिम निर्णय जारी करें।

supreme court के लिए इमेज परिणाम
बता दें कि एक वर्ष पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अमन सिंह की आय से अधिक संपत्ति और उनकी पत्नी यास्मीन सिंह की संविदा नियुक्ति की जांच के लिए पत्र लिखा गया था।

मामले की जांच रोकने एवं जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न करने अमन सिंह और यास्मीन सिंह ने बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दोनों पक्षकारों को राहत देते हुए स्टे दे दिया था।

See also  पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कोनी थाना प्रभारी समेत 7 निरीक्षकों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट…

हाईकोर्ट के स्टे को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिलासपुर हाई कोर्ट को निर्देशित किया है कि इस मामले में जल्द से जल्द अंतिम सुनवाई करते हुए आदेश जारी करें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि उन्हें न्याय पर पूरा भरोसा है और वह सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हैं।

छत्तीसगढ़ शासन के महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया था, जिसमें आज सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अमन सिंह और यास्मीन सिंह के स्टे को रद्द करते हुए हाईकोर्ट को इस मामले में जल्द सुनवाई कर अंतिम निर्णय देने को निर्देशित किया है। वहीं यह मामला सुप्रीम कोर्ट ने अपने निगरानी में रखा है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें

See also  CG News: कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर की नामांकन रैली में मधुमक्खियों का हमला, सोशल मीडिया में वायरल हो रहा वीडियो

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।