कोर्ट ने राज्य सरकार का भी आवेदन नहीं लिया :

बिलासपुर। समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत कागजी संस्था चलाए जाने के मामले में दायर रिट जो कि जनहित याचिका के रूप में सुनी गई थी, उस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को एफआईआर के आदेश दिए थे। इस मामले में आईएएस अधिकारी शुक्रवार को हाईकोर्ट पहुंचे और रिव्यू का आग्रह कोर्ट नंबर 3 से किया, जिसे कोर्ट ने लेने से इंकार कर दिया।

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से भी रिव्यू का आवेदन कोर्ट नंबर तीन में प्रस्तुत किया गया, जिसे जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने रिव्यू आवेदन लेने से मना कर दिया। दोनों ही मामलों में जस्टिस मिश्रा ने कहा कि आप यहां आवेदन लाए हैं, यह जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस प्रशांत मिश्रा की खंडपीठ नहीं है, जब वह खंडपीठ बैठेगी तो आप रिव्यू का आवेदन ला सकते हैं।

राज्य सरकार की ओर से इस प्रकरण पर रिव्यू का आवेदन दिए जाने पर याचिकाकर्ता के वकील देवर्षी ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार ने खुद जांच रिपोर्ट पेश की, जिसे तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने कोर्ट को बताया था कि गड़बड़ी हुई है। अब राज्य सरकार फ़ैसले के बाद रिव्यू क्यों लाना चाहती है?

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