नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार रिकॉर्ड 2 घंटे 40 मिनट का बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने टैक्स में सरकार ने बड़ी राहत दी है। इस बार सरकार ने टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया है।

वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 5 लाख रुपए तक की इनकम वालों को पुरानी की तरह नई व्यवस्था में भी टैक्स नहीं देना होगा। नई व्यवस्था के तहत इस स्लैब में अभी 20 प्रतिशत टैक्स देना होता है, अब 10 फीसदी ही देना होगा। खराब स्वास्थ्य के चलते सीतारमण बजट भाषण के 2 पेज नहीं पढ़ पाईं।

इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव, अब 6 टैक्स स्लैब :

0 5 लाख तक कमाई वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा।

0 5-7.5 लाख तक कमाई वाले लोगों को अब 10 फीसदी देना होगा टैक्स। पहले 20 फीसदी तक टैक्स था।

0 7.5 से 10 लाख तक जिनकी आमदनी है, उन्हें सिर्फ 15 प्रतिशत टैक्स देना होगा। पहले 20 फीसदी तक टैक्स था।

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0 10-12.5 लाख कमाई वालों को अब 20 प्रतिशत ही टैक्स देना पड़ेगा। पहले 30% तक टैक्स देना पड़ता था।

0 12 से 15 लाख तक कमाई वालों को 25 प्रतिशत देना पड़ेगा टैक्स। पहले 30%  तक टैक्स था।

0 15 लाख से ज्यादा कमाई वालों को 30 प्रतिशत से ज्यादा टैक्स लगेगा।

पहले 4 टैक्स स्लैब था, इतना लगता था टैक्स :

नई टैक्स दरों का विकल्प लेने वालों के लिए 70 डिडक्शन खत्म :

0 वित्त मंत्री का दावा- नई टैक्स दरों से 15 लाख सालाना तक आय वालों को 78 हजार रुपए का फायदा होगा।

0 नई व्यवस्था में 70 तरह के डिडक्शन खत्म किए, टैक्सपेयर डिडक्शन चाहें तो पुरानी व्यवस्था का विकल्प ले सकते हैं।

0 डायरेक्ट टैक्स से जुड़े विवाद निपटाने के लिए विवाद से विश्वास योजना, ब्याज और पेनल्टी में छूट मिलेगी।

0 आधार के जरिए अप्लाई करने पर तुरंत पैन देने की व्यवस्था।

0 शेयर बाजार : डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स कंपनियों की बजाय शेयरधारकों पर लागू होगा।

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0 को-ऑपरेटिव सोसायटीज: 30 फीसदी की जगह 22 फीसदी टैक्स देना होगा।

बैंक खाताधारकों की 5 लाख रुपए तक की रकम का बीमा :

भरोसेमंद और मजबूत फाइनेंशियल सेक्टर की हमें जरूरत है। फाइनेंशियल आर्किटेक्चर में लगातार मजबूती की जरूरत है। हमने कुछ बैंकों का विलय किया है। पब्लिक सेक्टर बैंकों में हमने पूंजी लगाई है ताकि वे प्रतिस्पर्धी बनें।

सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों पर निगरानी की व्यवस्था है ताकि लोगों का जमा पैसा सुरक्षित रहे। डिपॉजिट इंश्योरेंस कवरेज को भी विस्तार दिया है। डिपॉजिटर के लिए इंश्योरेन्स कवर एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया जा रहा है।

अर्थव्यवस्था में सरकार बड़ा बदलाव लाई :

बजट भाषण की शुरुआत करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि मई 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा सरकार बनाने का जनादेश मिला था। उन्हें पूरी विन्रमता के साथ जनता की सेवा करने का मौका मिला। यह जनादेश सिर्फ राजनीतिक स्थिरता के लिए नहीं था, बल्कि आर्थिक नीतियों के लिए भी था।

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हर महिला, हर अल्पसंख्यक, देश के हर नागरिकता की हर उम्मीदों और आकांक्षाओं का यह बजट है। 2014 से 2019 के बीच हमारी सरकार आर्थिक नीतियों में बड़ा बदलाव लाई। अब अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूत है। महंगाई काबू में है। बैंकों में भी सुधार हुआ है। जीएसटी इस देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहा है।

इसके मुख्य रचियता आज हमारे बीच नहीं हैं। हम अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते हैं। वे कहते थे कि भारत, भारत ही रहेगा जब केंद्र और राज्य साझा खुशहाली के लिए एकसाथ काम करेंगे। जीएसटी काउंसिल के बीच आम सहमति यह बताती है कि भारत राष्ट्रहित के लिए मतभेदों को भुला सकता है।

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