अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों द्वारा अब तक 229 स्लम क्षेत्रों में उपचार प्रदेश की 1628 स्लम्स में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल टीम का नियमित कैंप

रायपुर। राज्य शासन ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में नया आयाम जोड़ा है। स्लम क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल टीम के नियमित शिविर के साथ ही अब विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ भी लोगों का नि:शुल्क इलाज कर रहे हैं। प्रदेश के 13 नगर निगमों में 12 अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

योजना के अंतर्गत निजी एवं सरकारी क्षेत्र के नामी विशेषज्ञों ने अब तक 229 शिविरों में मरीजों को नि:शुल्क ओपीडी सेवाएं दी हैं। स्लम क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा मुहैया कराने स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक विशेषज्ञों को इस योजना से जोड़ रहा है।

सभी नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए सरकार मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही लोगों के बीच भी पहुंचकर जांच व उपचार कर नि:शुल्क दवाईयां दे रही हैं। जिला अस्पतालों में ख्याति प्राप्त सुपरस्पेश्लिस्टों की ओपीडी सेवा के बाद अब मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में भी लोगों को विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सीय परामर्श सुलभ हो रही है।

See also  Jammu and Kashmir Assembly: आर्टिकल 370 को लेकर हंगामा, विधायकों में जमकर चले लात-घूंसे

योजना शुरू होने के बाद से अब तक तीन हजार 233 शिविरों में प्रदेश के करीब दो लाख 16 हजार शहरी आबादी को चिकित्सा सेवा मुहैया कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल टीम एक हजार 628 स्लम्स में इलाज के लिए नियमित पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना में नगर निगम वाले 13 शहरों में सरकारी और निजी अस्पतालों के अस्थि रोग, त्वचा रोग, हृदय रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, शिशु रोग, दंत रोग, मधुमेह, कान-नाक-गला, कैंसर व न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ तथा एम.डी. मेडिसीन की नि:शुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्लम क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में मलेरिया, एचआईव्ही, मधुमेह, एनिमिया, टीबी, कुष्ठ, उच्च रक्तचाप, नेत्र विकार व गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ ही बच्चों का टीकाकरण भी किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत पिछले चार महीनों में कुल आठ हजार 723 लोगों की मलेरिया जांच की गई है। स्लम क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में 49 हजार 517 लोगों के उच्च रक्तचाप, 29 हजार 042 लोगों की मधुमेह, 16 हजार 617 लोगों की रक्त-अल्पता (एनिमिया), तीन हजार 851 लोगों के नेत्र विकार, 351 लोगों की टीबी, 391 लोगों की कुष्ठ और एक हजार 753 लोगों की एचआईव्ही जांच की गई है।

See also  Chhattisgarh Weather Update: बस्तर से रायपुर तक बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया

मोबाइल मेडिकल दलों ने इस दौरान तीन हजार 852 गर्भवती महिलाओं की जांच और 936 शिशुओं का टीकाकरण किया है। डायरिया पीडि़त दो हजार से अधिक मरीजों का उपचार भी इन शिविरों में किया गया है। जांच एवं उपचार के बाद कुल एक लाख 15 हजार लोगों को नि:शुल्क दवाईयां दी गई हैं।

गांधी जयंती के मौके पर पिछले साल 2 अक्टूबर को योजना की शुरूआत से अब तक कुल दो लाख 15 हजार 777 लोगों का इलाज किया गया है। बिलासपुर नगर निगम में 99 हजार 475, रायपुर में 36 हजार 368, कोरबा में 21 हजार 114, भिलाई में दस हजार 921, जगदलपुर में आठ हजार 420, दुर्ग में आठ हजार 395 और रायगढ़ में सात हजार 892 लोगों को नि:शुल्क उपचार, चिकित्सा परामर्श एवं दवाईयां उपलब्ध कराई गई हैं।

राजनांदगांव नगर निगम में छह हजार 676, बिरगांव में छह हजार 096, चिरमिरी में चार हजार 254, चरोदा में तीन हजार 581, धमतरी में एक हजार 176 एवं अंबिकापुर में 909 लोगों का उपचार हुआ है।

See also  Breaking : 6 हजार से बढ़कर 10 हजार रुपए हो सकती है पीएम किसान सम्मान निधि की राशि, बजट 2021 में हो सकता है ऐलान

मोबाइल मेडिकल टीमों द्वारा पिछले चार महीनों में नगर निगम वाले 13 शहरों की एक हजार 628 स्लम्स में तीन हजार 233 शिविर लगाए गए हैं। इस दौरान भिलाई नगर में एक हजार 025, दुर्ग में 759, रायपुर में 349, कोरबा में 319, राजनांदगांव में 117, चिरमिरी में 116 और चरोदा में 108 शिविर आयोजित किए गए हैं।

रायगढ़ में 98, बिलासपुर में 92, अंबिकापुर में 86, बिरगांव और जगदलपुर में 67-67 तथा धमतरी नगर निगम में 30 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्लम क्षेत्रों में इलाज मुहैया कराया गया है।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें 

Facebook पर Like करें, Twitter पर Follow करें  और Youtube  पर हमें subscribe करें।